हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार जांच के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की
हरियाणा सरकार की नई पहल
हरियाणा सरकार की पहल: हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों की जांच को तेज करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने सभी सरकारी विभागों और संस्थानों में एक राजपत्रित अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त करने का आदेश दिया है। यह अधिकारी राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के साथ समन्वय स्थापित करेगा और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभाएगा। सरकार के निर्देशों के अनुसार, संबंधित जानकारी को लिखित अनुरोध मिलने के 48 घंटे के भीतर प्रदान करना अनिवार्य होगा। इस संबंध में मुख्य सचिव कार्यालय के सतर्कता विभाग ने 22 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किया।
हर विभाग में नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी
हर विभाग और संस्थान को एक राजपत्रित अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में नामित करना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सतर्कता ब्यूरो को आवश्यक दस्तावेज और जानकारी प्राप्त करने के लिए बार-बार अलग-अलग अधिकारियों से संपर्क न करना पड़े। नोडल अधिकारी संबंधित विभाग से जानकारी एकत्र करेगा और उसे नियमों के अनुसार ब्यूरो तक पहुंचाने का कार्य करेगा। इससे विभागों और जांच एजेंसी के बीच संपर्क की प्रक्रिया को सरल बनाने की उम्मीद है।
जानकारी का समय पर आदान-प्रदान
सरकार ने निर्देश दिया है कि सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से लिखित अनुरोध मिलने के बाद, जहां तक संभव हो, संबंधित जानकारी 48 घंटे के भीतर उपलब्ध कराई जाए। यह व्यवस्था भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच में आवश्यक सूचनाओं के समय पर आदान-प्रदान को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। किसी मामले की जांच के दौरान विभागीय रिकॉर्ड, दस्तावेज या अन्य जानकारियों की आवश्यकता हो सकती है। नई व्यवस्था में नोडल अधिकारी इन जानकारियों को संबंधित शाखाओं से प्राप्त कर ब्यूरो के साथ साझा करने में समन्वय करेगा।
15 दिनों के भीतर संपर्क विवरण भेजना होगा
हरियाणा सरकार ने सभी संबंधित विभागों और संस्थानों को नोडल अधिकारी की नियुक्ति के साथ उनके संपर्क विवरण भी निर्धारित समय सीमा में भेजने का निर्देश दिया है। आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर अधिकारी का नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी उपलब्ध करानी होगी। यह जानकारी हरियाणा सरकार के सतर्कता विभाग और राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक को भी भेजी जाएगी। इससे ब्यूरो के पास प्रत्येक संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी का संपर्क विवरण उपलब्ध रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर सीधे संपर्क किया जा सकेगा।