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हिसार में नशा मुक्ति अभियान: पुलिस अधीक्षक ने की समीक्षा बैठक

हिसार में पुलिस अधीक्षक सिद्धान्त जैन ने नशा मुक्ति अभियान की समीक्षा की, जिसमें नशा पीड़ितों की देखभाल और उपचार पर जोर दिया गया। बैठक में केयरटेकरों को नशा पीड़ितों के साथ निरंतर संपर्क में रहने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए। एसपी ने नशा तस्करों की सूचना देने और नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और कैसे यह अभियान नशा पीड़ितों के जीवन में बदलाव ला सकता है।
 

हिसार में नशा मुक्ति की दिशा में कदम


हिसार: पुलिस अधीक्षक सिद्धान्त जैन, आईपीएस ने आज अपने कार्यालय में NCORD (नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर) और नशा मुक्ति अभियान की प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक में डीएसपी क्राइम, नशा मुक्ति टीम, खेल से जुड़े कर्मी और नशा पीड़ितों की देखभाल करने वाले केयरटेकर शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य नशे से प्रभावित व्यक्तियों को नशा छोड़ने में मदद करना, उनके उपचार की नियमित निगरानी करना और उन्हें एक बेहतर जीवन की ओर प्रेरित करना था।


नशा पीड़ितों की देखभाल में लापरवाही न हो


एसपी सिद्धान्त जैन ने नशा पीड़ितों की देखभाल करने वाले केयरटेकरों से उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली और उन्हें निर्देश दिए कि वे नशा पीड़ितों के साथ लगातार संपर्क में रहें, उनकी प्रगति की नियमित जानकारी लें और उनकी समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि नशा छोड़ने की प्रक्रिया में किसी भी व्यक्ति को अकेला महसूस नहीं होने देना चाहिए और उन्हें निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन प्रदान करना चाहिए।
इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि नशा पीड़ितों को समय पर दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों के साथ समन्वय बनाए रखा जाए। जिन पीड़ितों के पास दवाइयां खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं, उनके लिए आयुर्वेदिक दवाइयों की व्यवस्था की जाए।


नशा पीड़ितों को सहारा देना और तस्करों की सूचना देना


एसपी ने केयरटेकरों को निर्देश दिए कि वे नशे की लत से जूझ रहे व्यक्तियों को उपचार, काउंसलिंग और सकारात्मक मार्गदर्शन के माध्यम से नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करें। यदि उन्हें नशे की आपूर्ति करने वाले तस्करों के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो उसे पुलिस के साथ साझा करें ताकि तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।


नशा मुक्ति एक पुण्य का कार्य है


एसपी सिद्धान्त जैन ने कहा कि नशे की लत से प्रभावित व्यक्ति को केवल समस्या के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि उसे सही मार्ग पर लाने के लिए सहयोग और संवेदनशीलता की आवश्यकता है। किसी व्यक्ति को नशे से बाहर निकालकर उसके जीवन में नई उम्मीद जगाना और उसे समाज की मुख्यधारा में वापस लाना एक बड़ा पुण्य कार्य है।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति अभियान की सफलता के लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, केयरटेकरों, परिवारों और समाज के अन्य जिम्मेदार लोगों का सहयोग आवश्यक है। हर नशा पीड़ित के साथ मानवीय व्यवहार करते हुए उन्हें उपचार और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
हिसार पुलिस का संकल्प है कि नशे के अवैध कारोबार पर कार्रवाई के साथ-साथ नशे से प्रभावित लोगों को उपचार, मार्गदर्शन और सहयोग देकर उन्हें स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने में हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।