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24 फरवरी को त्रिपुष्कर और सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग

24 फरवरी को त्रिपुष्कर और सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा और दान का महत्व बढ़ जाता है। जानें इस दिन के शुभ और अशुभ समय के बारे में, ताकि आप अपने कार्यों को सही समय पर कर सकें। यह दिन विशेष फलदायी रहेगा, लेकिन कुछ अशुभ काल भी हैं जिनका ध्यान रखना आवश्यक है।
 

महत्वपूर्ण योगों का संयोग

नई दिल्ली: मंगलवार, 24 फरवरी को कई महत्वपूर्ण योगों का दुर्लभ संयोग देखने को मिलेगा। इस दिन फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। इसके साथ ही त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोजन भी रहेगा। ये योग शुभ कार्यों में विशेष फलदायी माने जाते हैं, लेकिन कुछ अशुभ काल भी ध्यान में रखने योग्य हैं। सप्तमी तिथि पर त्रिपुष्कर और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग होने से मां दुर्गा की पूजा, व्रत और दान विशेष फलदायी होगा। शुभ मुहूर्त में देवी की आराधना से देवी कृपा प्राप्त होती है। साथ ही, यह दिन श्री राम भक्त हनुमान और मंगल ग्रह की आराधना को भी समर्पित है। इस दिन लाल चीजों के दान का विशेष महत्व धर्म शास्त्रों में बताया गया है।


तिथि और नक्षत्र का विवरण

सप्तमी तिथि सुबह 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगी, इसके बाद शुक्ल अष्टमी तिथि होगी, जो 24 फरवरी की सुबह 7 बजकर 1 मिनट से 25 फरवरी की सुबह 4 बजकर 51 मिनट तक चलेगी। उदयातिथि के अनुसार 24 फरवरी को पूरे दिन सप्तमी तिथि का मान रहेगा। नक्षत्र कृत्तिका है, जो दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा, उसके बाद रोहिणी नक्षत्र होगा। सूर्योदय 6 बजकर 51 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 18 मिनट पर होगा।


योगों का महत्व

24 फरवरी को फाल्गुन अष्टाह्निका विधान प्रारंभ होगा। त्रिपुष्कर योग सुबह 6 बजकर 51 मिनट से सुबह 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। यह अत्यंत शुभ योग है, जिसमें किया गया शुभ कार्य तीन गुना फल देता है। विशेषकर पूजा, दान या नई शुरुआत के लिए उत्तम होता है। वहीं, सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6 बजकर 51 मिनट से दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। यह योग सभी प्रकार के कार्यों में सफलता और मनोकामना पूर्ति प्रदान करता है। शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है।


अशुभ समय का ध्यान

अशुभ समय का विचार भी महत्वपूर्ण है। आडल योग और ज्वालामुखी योग सुबह 6 बजकर 51 मिनट से दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। मंगलवार को भद्रा भी है, जो सुबह 7 बजकर 1 मिनट से शाम 5 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। राहुकाल दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से 4 बजकर 52 मिनट तक और यमगंड सुबह 9 बजकर 43 मिनट से 11 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। यह अशुभ मानी जाती है, इसलिए महत्वपूर्ण कार्य टालने की सलाह दी जाती है।