अयोध्या में दीपोत्सव 2026: 36 लाख दीपों से जगमगाई रामनगरी
दीपोत्सव का भव्य आयोजन
अयोध्या। शनिवार को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की पवित्र नगरी अयोध्या में ‘सरयू के कनक कछार’ पर त्रेता युग का आनंद देखने को मिला, जब 36 लाख से अधिक दीपों की रोशनी ने आस्था का एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह आयोजन 10वीं बार हुआ, जिसमें श्रद्धा और भक्ति के दीप जलाए गए। उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री ने राम की पैड़ी पर दीप जलाए। इस अवसर पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों का 3डी होलोग्राफी प्रोजेक्शन और भव्य लेजर शो भी प्रस्तुत किया गया। उप राष्ट्रपति ने इस आयोजन की सराहना की और भगवान राम के आगमन पर आतिशबाजी का आयोजन भी किया गया।
रामनगरी का अद्भुत सौंदर्य
हर आंख ने देखा ‘अपने राम’ का जादू
शनिवार की शाम को रामनगरी में एक अद्वितीय और अलौकिक सौंदर्य का अनुभव हुआ। दीपोत्सव-2026 में 36 लाख दीपों से जगमगाती अयोध्या को कार्तिक मास की चतुर्दशी तिथि पर सभी ने अपलक निहारते रहे। अयोध्या के निवासी, भारत के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु और विदेशी पर्यटक सभी ने प्रभु श्रीराम की छवि को हर जगह देखा। ‘श्रीराम, जय राम, जय जय राम’ के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने सरयू तट पर जलते दीपों के बीच हर्ष और उल्लास का अनुभव किया।
दीपों की महाकविता
मुख्यमंत्री का दीप प्रज्वलन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अयोध्या के हर कोने में दीप जलाए गए। राम की पैड़ी और 56 घाटों पर 36 लाख दीप जलाए गए। इसके लिए 35,000 से अधिक स्वयंसेवकों ने दीपों को सजाया और प्रज्वलित किया। देश-विदेश से आए आगंतुकों ने अयोध्या की सुंदरता को देखकर भावुकता का अनुभव किया।
मुख्यमंत्री का पूजन और रथ खींचना
मुख्यमंत्री का धार्मिक अनुष्ठान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ रामकथा पार्क में भगवान श्रीराम, मां सीता और अन्य देवताओं की आरती की। यहां उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से श्रीराम का राज्याभिषेक भी किया।
पुष्प वर्षा और रथ खींचने का दृश्य
अवधपुरी में पुष्पक विमान से ‘राम-लक्ष्मण और मां सीता’ का आगमन हुआ, साथ ही हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई। मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों ने उनका रथ खींचा, जिससे श्रद्धालुओं की आंखों में खुशी के आंसू आ गए।
राजतिलक और आरती
भगवान श्रीराम का राजतिलक
दीपोत्सव के दौरान उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम का राजतिलक किया और उनकी आरती उतारी। सभी ने श्रद्धा के साथ भगवान श्रीराम को तिलक किया और उपहार भेंट किए।
योगी का उद्बोधन और दीपोत्सव का महत्व
योगी आदित्यनाथ का संदेश
योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव की परिकल्पना 2017 में की थी, और इस वर्ष 36 लाख दीप जलाए गए। उन्होंने ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत की। इस आयोजन में विभिन्न समुदायों के लोग शामिल हुए, जो ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को दर्शाता है।
अवधपुरी का भव्य रूप
दीपों से सजाई गई अयोध्या
दीपोत्सव में अयोध्या की शोभा त्रेतायुग की याद दिलाती है। यहां के प्रमुख गेटों पर तोरणद्वार बनाए गए और कई कुंतल फूलों से सजावट की गई। सुबह शोभायात्रा में 21 झांकियां निकलीं, जिसमें विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने रामलीला का मंचन किया।
सरयू आरती और ड्रोन शो
सरयू मैया की आरती
दीपोत्सव में उप राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने सरयू मैया की आरती की। इस दौरान कई मंचों पर साधु-संतों ने भी आरती की।
दीपोत्सव में स्वदेशी ड्रोन के माध्यम से अयोध्या के आकाश में श्रीराम की आकृति बनाई गई। इस दौरान विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने अपनी लोकसंस्कृति का प्रदर्शन किया।