उज्जैन में नागपंचमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़, 13 लोग अस्पताल में भर्ती
उज्जैन में श्रद्धालुओं का जनसैलाब
उज्जैन: धार्मिक नगरी उज्जैन में सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी का एक साथ आना श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष अवसर बन गया। इस पावन अवसर पर भगवान महाकाल और श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासन के अनुसार, अब तक लगभग 5.50 लाख से अधिक श्रद्धालु उज्जैन पहुंच चुके हैं। हालांकि, इस भारी भीड़ के बीच हरसिद्धि मंदिर के पास बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में अव्यवस्था उत्पन्न हो गई, जिससे धक्का-मुक्की और दम घुटने की स्थिति पैदा हो गई।
"महादेव की कृपा से महाकाल के मंदिर में बहुत बड़ा हादसा टल गया.."
आज सावन का तीसरा सोमवार है और नाग पंचमी भी है.. उज्जैन के महाकाल मंदिर में महाकाल और नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए हजारों लोग जुटे हैं..
नागचंद्रेश्वर मंदिर साल में एक बार नाग पंचमी को सिर्फ 24 घंटे के लिए… pic.twitter.com/2lXnxeEV4G— Vivek K. Tripathi (@meevkt) August 17, 2026
बैरिकेड्स के पास भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि कई भक्तों को सांस लेने में कठिनाई होने लगी और कुछ लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद परिजनों और सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाल लिया। लगभग 13 श्रद्धालुओं को तुरंत एंबुलेंस और स्थानीय वाहनों से उज्जैन के जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सभी का इलाज जारी है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रही है। प्रभावित लोगों में विभिन्न राज्यों से आए भक्त शामिल हैं, जैसे बिहार (दरभंगा) के 36 वर्षीय सजीव नोनू चौधरी, ग्वालियर की 20 साल की खुशी, और गुजरात के 26 वर्षीय हरिश्चंद।
नागचंद्रेश्वर मंदिर की विशेषता
इस बार की भीड़ का मुख्य कारण सावन सोमवार और नागपंचमी का एक साथ आना है। महाकाल मंदिर के तीसरे तल पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर का यह ऐतिहासिक मंदिर पूरे वर्ष में केवल नागपंचमी के दिन ही आम श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे के लिए खोला जाता है। यहाँ भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश जी के साथ दसफण नाग की अद्भुत प्रतिमा स्थापित है। यही कारण है कि हर साल लाखों भक्त इस दुर्लभ दर्शन का लाभ उठाने के लिए उज्जैन आते हैं। वर्तमान में मंदिर प्रशासन और पुलिस बल स्थिति को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित दर्शन कराने के लिए तत्पर हैं।