×

कांवड़ यात्रा 2026: सावन में भक्तों का जलाभिषेक और विशेष तिथियाँ

कांवड़ यात्रा 2026 का शुभारंभ 30 जुलाई से हो रहा है, जो 13 दिनों तक चलेगी। इस दौरान श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे। जानें इस यात्रा की विशेष तिथियाँ, जल चढ़ाने की परंपरा का इतिहास और यात्रा के दौरान ट्रैफिक सलाह।
 

कांवड़ यात्रा का महत्व


नई दिल्ली: सावन के पवित्र महीने की शुरुआत होते ही उत्तर भारत में भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। भगवान शिव के भक्तों के लिए कांवड़ यात्रा एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है, जिसे अत्यधिक शुभ और पुण्यदायक माना जाता है। इसे 'जल यात्रा' के नाम से भी जाना जाता है, और इस दौरान 'बम बम भोले' और 'हर हर महादेव' के जयकारे गूंजते हैं।


कांवड़ यात्रा की तिथियाँ

शुरुआत और जलाभिषेक की तिथि


हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन (श्रावण) मास की शुरुआत के साथ कांवड़ यात्रा का औपचारिक आरंभ होता है। वर्ष 2026 में यह यात्रा 30 जुलाई, गुरुवार से शुरू होगी और 13 दिनों तक चलेगी। इस दौरान श्रद्धालु हरिद्वार, ऋषिकेश, गोमुख और अन्य पवित्र स्थानों से गंगाजल लेंगे। यात्रा का मुख्य उद्देश्य 11 अगस्त 2026 (मंगलवार) को सावन शिवरात्रि के अवसर पर अपने स्थानीय शिव मंदिरों में जलाभिषेक करना है।


जल चढ़ाने की परंपरा का इतिहास

क्यों शुरू हुई जल चढ़ाने की परंपरा?


पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब 'कालकूट विष' निकला, तब भगवान शिव ने उसे अपने कंठ में धारण किया। इस विष के प्रभाव से उनका कंठ नीला पड़ गया और उन्हें नीलकंठ कहा जाने लगा। शिव जी की जलन को शांत करने के लिए देवताओं और शिवभक्त रावण ने गंगा का जल लाकर उनका अभिषेक किया। तभी से सावन में गंगाजल से शिवजी का जलाभिषेक करने की परंपरा शुरू हुई।


विशेष तिथियाँ और ट्रैफिक सलाह

3 से 11 अगस्त की अवधि क्यों है बेहद खास?


3 अगस्त से 11 अगस्त के बीच का समय इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण चरण होगा। 3 अगस्त को सावन का पहला सोमवार है और 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि। इस दौरान हरिद्वार और अन्य स्थानों से गंगाजल लेकर लौटने वाले कांवड़ियों की संख्या अधिकतम होगी।


ट्रैफिक डायवर्जन और आमजन के लिए सलाह


श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन कई प्रमुख हाईवे और रास्तों को बंद कर देता है। इस दौरान ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है, इसलिए यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करना चाहिए।