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गणेश जी की आरती: पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा

भगवान गणेश की आरती का महत्व और पूजा के लाभ जानें। गणेश जी को विघ्नहर्ता माना जाता है, और उनकी आरती करने से जातक के जीवन में सुख और समृद्धि आती है। पूजा के बाद आरती करना अनिवार्य है, क्योंकि इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। जानें कैसे गणेश जी की आरती से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में खुशियों का वास होता है।
 

भगवान गणेश की पूजा का महत्व

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता के रूप में पूजा जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले उनकी आरती और पूजा करना आवश्यक माना जाता है। गणेश जी की आरती करने से जातक के जीवन में सुख और समृद्धि आती है। बिना गणेश की पूजा के, कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है।


आरती का समय

पूजा के समापन के बाद गणेश जी की आरती का आयोजन किया जाता है। यदि आप भगवान गणेश को प्रसन्न करना चाहते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो पूजा के बाद उनकी आरती अवश्य करें।


गणेश जी की आरती

गणेश जी की आरती


सुखकर्ता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची


नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची


सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची


कंठी झलके माल मुकताफळांची


जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति


दर्शनमात्रे मन कामना पूर्ति


जय देव जय देव


रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा


चंदनाची उटी कुमकुम केशरा


हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा


रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया


जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति


दर्शनमात्रे मन कामना पूर्ति


जय देव जय देव


लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना


सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना


दास रामाचा वाट पाहे सदना


संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवर वंदना


जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति


दर्शनमात्रे मन कामना पूर्ति


जय देव जय देव


शेंदुर लाल चढायो अच्छा गजमुख को


दोन्दिल लाल बिराजे सूत गौरिहर को


हाथ लिए गुड लड्डू साई सुरवर को


महिमा कहे ना जाय लागत हूँ पद को


जय जय जय जय जय


जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता


धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता


जय देव जय देव


अष्ट सिधि दासी संकट को बैरी


विघन विनाशन मंगल मूरत अधिकारी


कोटि सूरज प्रकाश ऐसे छबी तेरी


गंडस्थल मद्मस्तक झूल शशि बहरी


जय जय जय जय जय


जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता


धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता


जय देव जय देव


भावभगत से कोई शरणागत आवे


संतति संपत्ति सबही भरपूर पावे


ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे


गोसावीनंदन निशिदिन गुण गावे


जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता


धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता


जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता


धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता जय देव जय देव।


गणेश जी की आरती का महत्व

गणेश आरती के लाभ


भगवान गणेश की पूजा और आरती करने से धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह माना जाता है कि गणेश जी की आरती करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। पूजा के बाद गणेश जी की आरती करना अनिवार्य है, क्योंकि बिना आरती के पूजा को सफल नहीं माना जाता। बप्पा की आरती से सभी देवता प्रसन्न होते हैं और घर में खुशियों का वास होता है।