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ज्येष्ठ माह का अंतिम बड़ा मंगल: पूजा विधि और महत्व

ज्येष्ठ माह का अंतिम बड़ा मंगल 23 जून को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान श्री राम और हनुमान जी के मिलन का महत्व है। जानें इस दिन की पूजा विधि, अर्पण के लिए सामग्री और विशेष अनुष्ठान के बारे में। पूजा में गुड़हल, गुलाब, तुलसी और लाल झंडी का विशेष महत्व है।
 

बड़ा मंगल 2026 का महत्व

बड़ा मंगल 2026: पवनपुत्र हनुमान को समर्पित ज्येष्ठ माह का बड़ा मंगल अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस महीने के मंगलवार को भगवान श्री राम और हनुमान जी के मिलन का दिन माना जाता है। इस वर्ष का अंतिम और आठवां बड़ा मंगल 23 जून को मनाया जाएगा।


पूजा विधि

हवन और आरती:
आखिरी बड़ा मंगल के पुण्य लाभ के लिए पूजा के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करना और अंत में खैर की लकड़ी से हवन और आरती करना न भूलें।


अर्पण के लिए सामग्री

गुड़हल और गुलाब:
बड़ा मंगल की पूजा में साधक को लाल रंग के पुष्प जैसे गुड़हल और गुलाब अर्पित करने चाहिए।


तुलसी:
हनुमान जी की पूजा में चढ़ाई जाने वाली तुलसी को एक दिन पहले तोड़ लेना चाहिए।


लाल झंडी:
आखिरी बड़ा मंगल के दिन साधक को हनुमान जी की पूजा में विशेष रूप से सिंदूर का चोला और लाल रंग की झंडी चढ़ाना चाहिए।


भोग:
पूजा के समय साधक को बूंदी, बेसन के लड्डू, चूरमा, गुड़-चना और मौसमी फल अर्पित करना चाहिए।