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देवशयनी एकादशी पर तुलसी पूजा का महत्व और विधि

देवशयनी एकादशी, जो हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है, इस वर्ष 25 जुलाई को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं, और तुलसी पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है। इस दिन तुलसी की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। जानें इस दिन तुलसी पूजा कैसे करें और इसके पीछे की धार्मिक मान्यताएँ।
 

धार्मिक मान्यता


जानिए धार्मिक मान्यता
Devshayani Ekadashi Tulsi Puja, नई दिल्ली: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, विशेषकर आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली देवशयनी एकादशी का। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं।


भगवान विष्णु के शयन काल में जाने से पहले तुलसी की पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि इस वर्ष देवशयनी एकादशी कब है और इस दिन तुलसी पूजा का महत्व क्यों है।


देवशयनी एकादशी 2026 कब है?

द्रिक पंचांग के अनुसार, 2026 में देवशयनी एकादशी का व्रत 25 जुलाई, शनिवार को मनाया जाएगा। आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं।


इसी कारण इस अवधि को चातुर्मास कहा जाता है। चातुर्मास के दौरान कई मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होती है। इसके बाद देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के जागने के साथ शुभ कार्यों की शुरुआत होती है।


देवशयनी एकादशी पर तुलसी पूजा का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है। तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप भी माना जाता है। इसलिए भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का विशेष स्थान है। देवशयनी एकादशी पर तुलसी पूजा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।


इस दिन सुबह स्नान करने के बाद तुलसी के पौधे की सफाई करनी चाहिए। इसके बाद तुलसी माता के सामने दीपक जलाकर पूजा करनी चाहिए। तुलसी को जल अर्पित करने के साथ भगवान विष्णु का ध्यान और मंत्र जाप करना भी शुभ माना जाता है।


तुलसी के पास दीपक जलाने की मान्यता

देवशयनी एकादशी के दिन शाम को तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी के पास दीपक जलाने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक माहौल बनता है।


कहा जाता है कि दीपक की रोशनी भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद बना रहता है। इस दिन भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार घी या तेल का दीपक जला सकते हैं।


देवशयनी एकादशी पर तुलसी पूजा कैसे करें?

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद घर के मंदिर में भगवान विष्णु की पूजा करें। यदि घर में तुलसी का पौधा है तो उसके आसपास की जगह को साफ करें और तुलसी माता को प्रणाम करें। इसके बाद तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाएं। श्रद्धा के अनुसार तुलसी माता की पूजा करें और भगवान विष्णु का ध्यान करें।


भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित कर सकते हैं। पूजा के बाद भगवान विष्णु से परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें। शाम के समय भी तुलसी के पास दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इस दौरान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का स्मरण कर सकते हैं।


चातुर्मास की होती है शुरूआत

देवशयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरूआत मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं। इस अवधि में भक्त पूजा-पाठ, व्रत, दान और धार्मिक कार्यों पर विशेष ध्यान देते हैं।


चातुर्मास के दौरान सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक महीने आते हैं। इस दौरान भगवान शिव, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी समेत विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।