निर्जला एकादशी: 25 जून को करें इन 4 चीजों का दान, बदल सकती है किस्मत
निर्जला एकादशी का महत्व
25 जून को मनाई जाएगी निर्जला एकादशी
हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। साल में 24 एकादशी होती हैं, लेकिन निर्जला एकादशी को सबसे विशेष माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से सभी एकादशी का पुण्य प्राप्त होता है। यह व्रत कठिन है क्योंकि इसमें जल का सेवन नहीं किया जाता। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भीमसेन ने इस दिन का व्रत रखा था, इसलिए इसे भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है।
भगवान विष्णु की पूजा का महत्व
यह व्रत हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस वर्ष, निर्जला एकादशी 25 जून को होगी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
इस दिन व्रत और पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और भक्त भगवान विष्णु के वैकुंठ धाम में स्थान प्राप्त करते हैं। इस अवसर पर दान का भी विशेष महत्व है। दान करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी प्रसन्न होते हैं।
निर्जला एकादशी पर दान करने योग्य वस्तुएं
- जल: इस दिन जल का दान महादान माना जाता है। मान्यता है कि जल से भरा घड़ा मंदिर या जरूरतमंदों को देने से आय के रास्ते खुलते हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
- फल: भगवान विष्णु की पूजा के बाद फल का दान करना शुभ होता है। इससे अटका हुआ धन वापस मिलता है और भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
- सुहाग की सामग्री: इस दिन सुहागिन महिलाओं को सुहाग की सामग्री का दान करें। इससे दांपत्य जीवन में खुशहाली बनी रहती है। इसके अलावा पीले वस्त्र, चने की दाल, और हल्दी का दान भी किया जा सकता है।
- जूते-चप्पल: एकादशी के दिन जूते या चप्पल का दान करने से जीवन में सुख-शांति आती है और व्यवसाय में सफलता मिलती है。