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परमा एकादशी: व्रत के दौरान किन बातों का रखें ध्यान

परमा एकादशी का व्रत 11 जून को मनाया जाएगा, जो विशेष रूप से भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन व्रत करने से जीवन में खुशहाली आती है, लेकिन कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। जानें किन कार्यों से बचना चाहिए और किस प्रकार से पूजा करनी चाहिए।
 

परमा एकादशी का महत्व


11 जून को मनाया जाएगा परमा एकादशी का व्रत


सनातन धर्म में एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र माना जाता है। विशेष रूप से अधिकमास में आने वाली एकादशी को विशेष महत्व दिया जाता है। यह इसलिए है क्योंकि एकादशी और अधिकमास दोनों भगवान विष्णु को समर्पित हैं। अधिकमास हर तीन साल में एक बार आता है।


भगवान विष्णु की पूजा विधि

इस समय अधिकमास चल रहा है, जो 15 जून तक रहेगा। इस वर्ष परमा एकादशी का व्रत 11 जून को रखा जाएगा। यह व्रत अधिकमास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन विधिपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।


परमा एकादशी के दिन व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। हालांकि, इस दिन कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। मांस और मदिरा का सेवन करने से बचना चाहिए।


परमा एकादशी पर न करने योग्य कार्य


  • दोपहर में सोना: परमा एकादशी के दिन व्रती को दोपहर में सोना निषिद्ध है।

  • काले वस्त्र पहनना: इस दिन काले रंग के वस्त्र पहनने से बचें, क्योंकि यह नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है।

  • अन्न का सेवन: व्रती को किसी अन्य के घर का जल, फल या अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए।

  • मांस-मदिरा का सेवन: इस दिन मांस और मदिरा का सेवन न करें और क्रोध, काम और ईर्ष्या से दूर रहें।