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बांग्लादेश के 7 प्रमुख शक्तिपीठ: देवी दुर्गा की महिमा

बांग्लादेश में स्थित 7 शक्तिपीठों की महिमा और उनके धार्मिक महत्व के बारे में जानें। मां दुर्गा की पूजा के लिए प्रसिद्ध ये स्थल भक्तों के लिए आस्था का केंद्र हैं। इस लेख में हम आपको इन शक्तिपीठों की विशेषताओं और मान्यताओं के बारे में विस्तार से बताएंगे।
 

शुक्रवार का दिन और मां दुर्गा की पूजा

शुक्रवार का दिन मां दुर्गा को समर्पित होता है, जब भक्तिभाव से उनकी पूजा की जाती है। मां दुर्गा की आराधना से व्यक्ति को भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है और जीवन में आने वाले संकटों से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा, मां दुर्गा की पूजा से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। सनातन शास्त्रों में मां दुर्गा की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया है। क्या आप जानते हैं कि बांग्लादेश में भी 7 शक्तिपीठ हैं, जो अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं? इस लेख में हम आपको बांग्लादेश के इन शक्तिपीठों के बारे में जानकारी देंगे।


जेसोरेश्वरी शक्तिपीठ

यह शक्तिपीठ मां काली को समर्पित है और इसकी वास्तुकला 13वीं शताब्दी की है। जेसोरेश्वरी शक्तिपीठ बांग्लादेश के सतखिरा जिले में स्थित है, जहां मां सती की हथेलियां गिरी थीं। भारत के प्रधानमंत्री ने भी इस मंदिर का दौरा किया था।


सुगंधा शक्तिपीठ

सुगंधा शक्तिपीठ मां तारा को समर्पित है और यह सुगंधा नदी के किनारे स्थित है। मान्यता है कि यहां मां सती की नाक गिरी थी। यह शक्तिपीठ बांग्लादेश के शिकारपुर में है और यहां के मंदिर के रक्षक भैरव हैं।


चट्टल मां भवानी शक्तिपीठ

यह शक्तिपीठ चटगांव जिले में चंद्रनाथ पर्वत के शिखर पर स्थित है। यहां मां सती के ठुड्डी का एक अंश गिरा था। इसे भवानी शक्तिपीठ भी कहा जाता है।


जयंती शक्तिपीठ

जयंती शक्तिपीठ बांग्लादेश के सिलहट जिले के बौरबाग गांव में है। मान्यता है कि जब भगवान विष्णु ने सती के शव को क्षत-विक्षत किया, तब मां सती की बाईं जांघ यहां गिरी थी। यह मंदिर लगभग 6 एकड़ में फैला हुआ है।


महालक्ष्मी शक्तिपीठ

यह शक्तिपीठ बांग्लादेश के सिलहट जिले में स्थित है और देवी महालक्ष्मी को समर्पित है। यहां मां सती की गर्दन गिरी थी। शुक्रवार के दिन यहां भक्तों की भारी भीड़ होती है।


श्रावणी शक्तिपीठ

यह शक्तिपीठ चटगांव जिले में देवी मां सती को समर्पित है। मान्यता है कि यहां मां सती की रीढ़ की हड्डी गिरी थी। यह मंदिर सत्या देवी को समर्पित है और यहां भैरव देव भी विराजमान हैं।


अपर्णा शक्ति पीठ

बांग्लादेश के 7 शक्तिपीठों में अंतिम प्रमुख मंदिर अपर्णा शक्ति पीठ है, जो शेरपुर जिले में स्थित है। यह मंदिर मां भवानी को समर्पित है और श्रद्धालुजन यहां पूजा करते हैं।