बुद्ध पूर्णिमा 2026: पितृ दोष से मुक्ति के लिए विशेष उपाय
बुद्ध पूर्णिमा, जो 1 मई 2026 को मनाई जाएगी, का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था और इसे पितृ देव को समर्पित किया गया है। इस अवसर पर पितृ दोष से मुक्ति के लिए कई उपाय किए जाते हैं, जैसे तर्पण, पीपल की पूजा और दक्षिण दिशा में दीया जलाना। जानें इस दिन के महत्व और विशेष अनुष्ठानों के बारे में।
Apr 23, 2026, 15:26 IST
बुद्ध पूर्णिमा का महत्व
1 मई को मनाई जाएगी बुद्ध पूर्णिमा
बुद्ध पूर्णिमा, जिसे वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है, सनातन धर्म में एक महत्वपूर्ण तिथि है। इस दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। धार्मिक ग्रंथों में इस दिन स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। यह तिथि पितृ देव को समर्पित है, जिसके कारण इस दिन पूर्वजों के लिए श्राद्ध और तर्पण जैसे अनुष्ठान किए जाते हैं।
बुद्ध पूर्णिमा की तिथि
पंचांग के अनुसार, वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल को रात 09:13 बजे शुरू होगी और 01 मई को रात 10:52 बजे समाप्त होगी। इस प्रकार, बुद्ध पूर्णिमा का व्रत और स्नान-दान 01 मई 2026, शुक्रवार को किया जाएगा।
पितृ दोष से मुक्ति के उपाय
- तर्पण करें: बुद्ध पूर्णिमा के दिन पूर्वजों के लिए श्राद्ध और तर्पण करें। जल में दूध, सफेद फूल और काले तिल मिलाकर तर्पण करने से पितृ दोष दूर होता है।
- पीपल की पूजा: इस दिन पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं और उसकी 7 बार परिक्रमा करें। एक दीये में सरसों का तेल और काले तिल डालकर पीपल के नीचे रखें।
- दक्षिण दिशा में दिया जलाएं: शाम को घर की दक्षिण दिशा में सरसों या तिल के तेल का दीया जलाएं और पितृ देव से क्षमा मांगें।
- दान और मंत्र जाप करें: काले वस्त्र, काले तिल और काली उड़द का दान करें। कौए, गाय और कुत्तों को भोजन कराना भी लाभकारी है। इस दिन "ॐ पितृभ्य: नम:" का जाप करें।