माँ बगलामुखी जयंती: शक्ति साधना और शत्रु-विनाश का पर्व
माँ बगलामुखी का महत्व
माँ बगलामुखी जयंती: माँ बगलामुखी, जिन्हें बांग्लामुखी भी कहा जाता है, दस महाविद्याओं में से एक शक्तिशाली देवी मानी जाती हैं। उनकी जयंती विशेष रूप से शक्ति साधना और शत्रु-विनाश के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। देवी नकारात्मकता और वाक्शक्ति को नियंत्रित करती हैं।
इस वर्ष 2026 में, माँ बगलामुखी की जयंती 24 अप्रैल को मनाई जाएगी। यह दिन वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को आता है, जो देवी के अवतरण का प्रतीक है।
पौराणिक कथा
पौराणिक कथा:
प्राचीन काल में, जब पूरे ब्रह्मांड में भयंकर तूफान और प्रलय जैसी स्थिति उत्पन्न हुई, तब सभी देवता भगवान विष्णु के पास गए और उनसे इस संकट से मुक्ति की प्रार्थना की।
भगवान विष्णु की तपस्या से माँ बगलामुखी का प्राकट्य हुआ, जो पीले रंग के तेजस्वी रूप में प्रकट हुईं। इसलिए उन्हें “पीताम्बरा देवी” भी कहा जाता है।
माँ पीतांबरा पीठ
दतिया स्थित माँ पीतांबरा पीठ पर भक्त बगलामुखी देवी की आराधना करते हैं। यहाँ राजसत्ता की कामना रखने वाले भक्त गुप्त पूजा अर्चना करते हैं। माँ पीतांबरा शत्रु नाश की अधिष्ठात्री देवी होने के साथ-साथ राजसत्ता की देवी भी मानी जाती हैं।