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रमजान 2026: भारत में रोजे और इफ्तार के समय की पूरी जानकारी

रमजान 2026 का पवित्र महीना भारत में 19 फरवरी से शुरू हुआ। इस दौरान मुसलमान रोजा रखते हैं और इबादत करते हैं। जानें सेहरी और इफ्तार के समय, उनके महत्व और विभिन्न शहरों में समय के अंतर के बारे में। इस लेख में रमजान के दौरान आत्म-संयम और भक्ति के महत्व पर भी चर्चा की गई है।
 

रमजान का पवित्र महीना


भारत में रमजान 2026 का पवित्र महीना 19 फरवरी को चंद्रमा के दर्शन के साथ आरंभ हुआ। इस अवसर पर लाखों मुसलमानों ने रोजा और इबादत का यह विशेष समय शुरू किया। इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक रोजा रखने का यह महीना अल्लाह के करीब आने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसमें भक्ति, संयम और दान का महत्व है।


सेहरी और इफ्तार का महत्व

रमजान के दौरान मुसलमान सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं, जिसमें भोजन और पानी से परहेज करते हुए आध्यात्मिकता, प्रार्थना और अच्छे कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। सेहरी, फज्र की नमाज से पहले लिया जाने वाला भोजन है, जो रोजे की शुरुआत का संकेत देता है। वहीं, इफ्तार, मगरिब की अजान के बाद सूर्यास्त पर रोजा खोलने का समय होता है, जो पूरे दिन के उपवास को समाप्त करता है।


सेहरी और इफ्तार के समय में बदलाव

रमजान का महीना पूरे 30 दिनों तक चलता है, और दिन की लंबाई में बदलाव के कारण सेहरी और इफ्तार के समय में भी परिवर्तन होता है। विभिन्न शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय अलग-अलग होने के कारण ये समय स्थान के अनुसार भिन्न होते हैं। उदाहरण के लिए, कोलकाता में सेहरी का समय दिल्ली से पहले होता है, जबकि मुंबई में इफ्तार का समय अपेक्षाकृत देर से आता है।


2 मार्च को प्रमुख शहरों में सेहरी और इफ्तार का समय

सोमवार, 2 मार्च को विभिन्न प्रमुख शहरों में सेहरी और इफ्तार के समय इस प्रकार हैं:



  • नई दिल्ली: सेहरी सुबह 5:27 बजे, इफ्तार शाम 6:21 बजे

  • हैदराबाद: सेहरी सुबह 5:22 बजे, इफ्तार शाम 6:23 बजे

  • मुंबई: सेहरी सुबह 5:44 बजे, इफ्तार शाम 6:46 बजे

  • बेंगलुरु: सेहरी सुबह 5:24 बजे, इफ्तार शाम 6:28 बजे

  • लखनऊ: सेहरी सुबह 5:12 बजे, इफ्तार शाम 6:07 बजे

  • चेन्नई: सेहरी सुबह 5:14 बजे, इफ्तार शाम 6:18 बजे

  • कोलकाता: सेहरी सुबह 04:43 बजे, इफ्तार शाम 5:40 बजे


ये समय स्थानीय मस्जिदों या विश्वसनीय इस्लामी कैलेंडर के अनुसार थोड़े भिन्न हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय घोषणाओं का ध्यान रखें।


रमजान का महत्व

रमजान इस्लाम का चौथा स्तंभ है, जो रोजे के माध्यम से आत्म-संयम, कृतज्ञता और दूसरों के प्रति करुणा सिखाता है। इस महीने में मुसलमान न केवल भूख-प्यास सहते हैं, बल्कि अल्लाह की इबादत और अच्छे कार्यों से अपनी आत्मा को शुद्ध करते हैं।