राम मंदिर में चोरी के बाद प्रायश्चित अनुष्ठान की शुरुआत
राम मंदिर की पवित्रता के लिए विशेष अनुष्ठान
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की पवित्रता को बनाए रखने के लिए प्रायश्चित अनुष्ठान आरंभ किया है। यह शुद्धिकरण अनुष्ठान गर्भगृह और परकोटा में दस दिनों तक चलेगा, जिसमें लगभग 70 वैदिक आचार्य मंत्रों का उच्चारण कर रहे हैं।
ट्रस्ट के अधिकारियों ने इसे एक चूक माना है और इसके बाद क्षमा-याचना के लिए विधिपूर्वक अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। इस अनुष्ठान में मंदिर परिसर के अंदर और बाहर कुल 70 वैदिक आचार्य शामिल हैं। यह प्रायश्चित पूजन राम मंदिर के गर्भगृह और परकोटा में हो रहा है।
#Ayodhya, Uttar Pradesh: A 10-day purification ritual has begun at the Ram Temple following the reported theft of offerings. Special prayers, Vedic chants, Rudrabhishek, and havan are being conducted by 70 Vedic priests as part of the ceremony to restore the sanctity of the… pic.twitter.com/aVDNLeYbTe
— PRATEEK BAJPAI (@prateekbajpai07) July 17, 2026
आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन, रुद्राभिषेक और रामार्चा पूजन किया है। बताया गया है कि किसी भी प्रकार की अपवित्रता या चोरी जैसी घटना के बाद मंदिर की पवित्रता के लिए प्रायश्चित पूजन आवश्यक होता है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने कहा कि भूल का प्रायश्चित यह है कि उसे दोहराया नहीं जाना चाहिए।
इससे यह सुनिश्चित होगा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों। उन्होंने कुछ नई व्यवस्थाओं की शुरुआत भी की है। प्रतिदिन विशेष जप और स्त्रोत पाठ किए जा रहे हैं। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भी प्रायश्चित करने का निर्णय लिया है, इसलिए वह प्रतिदिन विशेष जप और स्त्रोत पाठ कर रहे हैं। जिस स्थान पर यह दुस्साहसिक कृत्य हुआ है, वहां भगवान का वास है। राम मंदिर केवल एक भवन नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां की मर्यादा और पवित्रता को बनाए रखना ट्रस्ट की जिम्मेदारी है।
इस मामले में, मंदिर निर्माण कार्य के प्रभारी गोपाल राव को उनके पद से हटा दिया गया है। वह मंदिर परिसर से अपना आवास और वाहन पास खाली करके अयोध्या से जा चुके हैं। पुलिस ने इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनकी रिमांड लेकर पूछताछ की जा रही है। मंदिर ट्रस्ट चढ़ावे की गिनती के नियमों में भी बड़ा बदलाव कर रहा है।