शनि की महादशा और साढ़ेसाती से राहत पाने के प्रभावी उपाय
शनि देव: न्याय और कर्मफल के दाता
शनि देव को कर्मफल दाता माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि देव का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण होता है। जब जन्म कुंडली में शनि की स्थिति ठीक नहीं होती, तो व्यक्ति को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
शनि की महादशा, साढ़ेसाती और ढैय्या के समय, शनि व्यक्ति की परीक्षा लेते हैं। यदि कोई व्यक्ति गलत कार्यों में लिप्त रहता है, तो उसे शनि के कष्टों का सामना करना पड़ता है।
जब शनि की महादशा, साढ़ेसाती या ढैय्या चलती है, तो व्यक्ति को जीवन में कुछ संकेत मिलते हैं। आइए जानते हैं इन संकेतों के बारे में और साथ ही शनि के कष्टों से राहत पाने के उपायों के बारे में।
शनि की महादशा, साढ़ेसाती और ढैय्या के लक्षण
जब शनि की महादशा, साढ़ेसाती या ढैय्या चलती है, तो व्यक्ति के कार्यों में अचानक रुकावट आ जाती है। करियर में अस्थिरता और अनावश्यक खर्च शुरू हो जाता है। व्यक्ति को लगातार बीमारियों का सामना करना पड़ता है और मानसिक तनाव भी बना रहता है। निर्णय लेने में कठिनाई होती है।
शनि के कष्टों से मुक्ति के उपाय
शनिवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें। इसके अलावा, शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर 7 बार परिक्रमा करें। काले कुत्ते को रोटी और चींटियों को आटा दें। एक कटोरी सरसों का तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उसे किसी जरूरतमंद को दान करें।
शनिवार को अपनी सामर्थ्यानुसार गरीबों और जरूरतमंदों को काली उड़द की दाल, काले तिल, सरसों का तेल, जूते-चप्पल या काले रंग के कपड़े दान करें। इन उपायों को करने से शनि की महादशा, साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत मिलती है।
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