शनि जयंती 2026: विशेष पूजा विधि और छाया दान का महत्व
शनि जयंती का महत्व
16 मई 2026 को शनि जयंती मनाई जाएगी, जो कि शनि अमावस्या के साथ एक विशेष संयोग में है। ज्येष्ठ माह की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को शनि देव का जन्म हुआ था। हर वर्ष इस दिन शनि जयंती या शनि जन्मोत्सव का आयोजन किया जाता है। ज्योतिष के अनुसार, इस दिन शनिदेव का अभिषेक तेल से किया जाता है। जिन व्यक्तियों पर शनि का साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव होता है, उन्हें इस दिन छाया दान करना चाहिए। मान्यता है कि छाया दान करने से शनि के कष्टों से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा, जो लोग साढ़ेसाती या ढैय्या से प्रभावित नहीं हैं, वे भी छाया दान या तेल से अभिषेक कर सकते हैं।
शनि जयंती 2026 का मुहूर्त
- ज्येष्ठ अमावस्या की शुरुआत: 16 मई, सुबह 05:11 बजे - ज्येष्ठ अमावस्या की समाप्ति: 17 मई, 01:30 बजे पर - शनि देव पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 07:12 बजे से 08:54 बजे तक
छाया दान की विधि
शनि जयंती पर छाया दान करना बहुत फलदायी माना जाता है। कई लोगों के मन में यह सवाल होता है कि छाया दान कैसे किया जाए। इसके लिए काले तिल का तेल सबसे अच्छा होता है, लेकिन इसे पहचानना कठिन हो सकता है। आप खुद काले तिल का तेल निकालकर अर्पित कर सकते हैं या बाजार से खरीद सकते हैं। हालांकि, बाजार में खरीदे गए तेल की पहचान करना मुश्किल हो सकता है।
इसलिए, सरसों का तेल एक सरल विकल्प है। आप सरसों के तेल से छाया का दान कर सकते हैं, जो आसानी से उपलब्ध है।
छाया दान करने की प्रक्रिया
- शनि जयंती के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- एक स्टील या लोहे का बर्तन और शुद्ध सरसों का तेल लें, फिर किसी शनि मंदिर में जाएं।
- ध्यान रखें कि शनिदेव की आंखों में न देखें, क्योंकि उनकी वक्र दृष्टि से बुरा समय शुरू हो सकता है।
- सबसे पहले शनिदेव की पूजा करें, फिर उन्हें नीले फूल, काले तिल, शमी के पत्ते, धूप और सरसों के तेल का दीप अर्पित करें।
- पूजा के बाद शनि चालीसा का पाठ करें और शनिदेव की आरती करें। फिर अपने चेहरे को उस बर्तन में रखे तेल में देखें।
- शनिदेव से प्रार्थना करें कि वे आपके जीवन के संकटों और कष्टों को दूर करें। यदि कोई विवाद या कोर्ट केस चल रहा है, तो उससे मुक्ति की प्रार्थना करें।
- अंत में, इस तेल भरे बर्तन को मंदिर से बाहर ले जाकर किसी गरीब या जरूरतमंद को दान करें।
- यदि दिन में मंदिर जाने का समय नहीं मिल रहा है, तो आप शाम को भी छाया का दान कर सकते हैं।