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सावन 2026: पहले सोमवार का महत्व और पूजा विधि

सावन 2026 का पवित्र महीना शुरू हो चुका है, और आज सावन का पहला सोमवार है। इस दिन विशेष पूजा विधि और शुभ मुहूर्त का महत्व है। जानें कैसे कुंवारी कन्याएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं और किस प्रकार से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। इस लेख में पूजा के लिए आवश्यक सामग्री और मंत्रों की जानकारी भी दी गई है।
 

सावन का पवित्र महीना शुरू

सावन 2026: शिव की आराधना का यह पवित्र महीना आरंभ हो चुका है। आज सावन का पहला सोमवार है, जो विशेष महत्व रखता है। इस दिन व्रत रखकर कुंवारी कन्याएं भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करती हैं, जिससे उन्हें शिव परिवार का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन भोलेनाथ और मां पार्वती की पूजा करना अत्यधिक फलदायी माना जाता है। इसके साथ ही, शिवलिंग पर जलाभिषेक कर बेलपत्र, भांग-धतूरा और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।


पहले सोमवार के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:19 बजे से 05:01 बजे तक
इस समय भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।


अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
यह समय शिव आराधना और अभिषेक के लिए सर्वोत्तम होता है।


प्रदोष काल: शाम 06:26 बजे से 07:56 बजे तक
भगवान शिव की विशेष पूजा के लिए प्रदोष काल अत्यंत शुभ माना जाता है।


निशिता काल: रात्रि 11:33 बजे से 12:21 बजे तक


पूजा विधि

पूजा में शिवलिंग का अभिषेक करने के लिए दूध, दही, शक्कर और घी से पंचामृत तैयार करें।
‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जप करें।
इसके साथ ही, शिव चालीसा, रुद्राष्टक, या महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें।