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सावन में नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा: श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र

नवांशहर के बलाचौर में स्थित 1500 साल पुराना शिव मंदिर बीदियां वाला सावन के महीने में श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र बन गया है। यहां नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा की जाती है, जहां रात्रि में दीप जलाने से इच्छाएं पूरी होने की मान्यता है। मुख्य पुजारी के अनुसार, सावन में विशेष पूजा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भक्त परिवार सहित शामिल हो रहे हैं। मंदिर में सभी हिंदू त्योहार धूमधाम से मनाए जाते हैं।
 

1500 साल पुराना शिव मंदिर बीदियां वाला


सावन का महीना और शिव की आराधना
सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है, जब भक्त भगवान शिव की पूजा और व्रत रखते हैं। देशभर में शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है।


पंजाब के नवांशहर में स्थित 1500 साल पुराना ‘शिव मंदिर बीदियां वाला’ इस समय श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा की जाती है, जो शहरवासियों की गहरी आस्था का प्रतीक है।


रात्रि में दीप जलाने से पूरी होती हैं इच्छाएं

यहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना के लिए आते हैं। मान्यता है कि रात्रि में दीप जलाने से सच्चे मन से मांगी गई हर इच्छा पूरी होती है।


श्रावण मास में विशेष पूजा का आयोजन

मुख्य पुजारी पंडित दिनेश शर्मा ने बताया कि सावन के महीने में विशेष पूजा का आयोजन किया जा रहा है। भक्त अपने परिवार के साथ अभिषेक के लिए मंदिर में आते हैं। हर सोमवार को जलाभिषेक के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। इस समय मंदिर में विशेष उत्साह का माहौल है।


हिंदू त्योहारों का धूमधाम से आयोजन

मंदिर की व्यवस्था एक रजिस्टर्ड कमेटी द्वारा संचालित की जाती है। यहां भगवान शिव के अलावा संकट मोचक हनुमान जी, संतोषी माता जी और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित हैं। सभी हिंदू त्योहारों को धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।