सावन में रुद्राभिषेक: जानें कब और कैसे करें भगवान शिव की आराधना
सावन का महीना: भगवान शिव की आराधना का पवित्र समय
नई दिल्ली: सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करके भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रुद्राभिषेक करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और इच्छाएं पूरी होती हैं। हालांकि, सावन में हर तिथि रुद्राभिषेक के लिए समान रूप से शुभ नहीं होती, इसलिए तिथि के अनुसार पूजा करना अधिक लाभकारी माना जाता है।
सावन में रुद्राभिषेक के लिए शुभ तिथियां
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कृष्ण पक्ष की अष्टमी, अमावस्या, और शुक्ल पक्ष की द्वितीया और नवमी रुद्राभिषेक के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जाती हैं। कहा जाता है कि इन तिथियों पर भगवान शिव माता पार्वती के साथ विराजमान रहते हैं। इन दिनों रुद्राभिषेक करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
महाशिवरात्रि, प्रदोष व्रत, और सावन के सभी सोमवार भी रुद्राभिषेक के लिए सर्वोत्तम माने जाते हैं। इन दिनों की गई शिव आराधना का विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।
विशेष लाभ देने वाली तिथियां
कृष्ण पक्ष की चतुर्थी और एकादशी, साथ ही शुक्ल पक्ष की पंचमी और द्वादशी को भगवान शिव का निवास कैलाश पर्वत पर माना जाता है। इन तिथियों पर रुद्राभिषेक करने से परिवार में खुशहाली और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
कृष्ण पक्ष की पंचमी और द्वादशी, तथा शुक्ल पक्ष की षष्ठी और त्रयोदशी को भगवान शिव नंदी पर सवार होकर पृथ्वी पर भ्रमण करते हैं। इन तिथियों पर किया गया रुद्राभिषेक विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाला माना जाता है।
रुद्राभिषेक से बचने वाली तिथियां
शास्त्रों में कुछ तिथियों पर रुद्राभिषेक न करने की सलाह दी गई है। कृष्ण पक्ष की तृतीया और दशमी, तथा शुक्ल पक्ष की चतुर्थी और एकादशी के दिन भगवान शिव क्रीड़ा में लीन रहते हैं।
कृष्ण पक्ष की द्वितीया और नवमी, तथा शुक्ल पक्ष की तृतीया और दशमी को भगवान शिव देवताओं की समस्याओं के समाधान में व्यस्त माने जाते हैं। इन तिथियों पर रुद्राभिषेक करने से अपेक्षित फल नहीं मिलता। इसके अलावा, कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और शुक्ल पक्ष की सप्तमी पर भी रुद्राभिषेक से बचने की सलाह दी जाती है।
सावन में श्रद्धा से करें शिव आराधना
सावन के महीने में भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि सही तिथि और श्रद्धा के साथ रुद्राभिषेक किया जाए, तो भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति तथा सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। साथ ही, सावन का पूरा महीना रुद्राक्ष धारण करने के लिए भी शुभ माना गया है।