सोमवार को राशि अनुसार भगवान शिव की पूजा के सरल उपाय
भगवान शिव की पूजा का महत्व
नई दिल्ली - हिंदू धर्म में भगवान शिव को औढरदानी माना जाता है, और उनकी पूजा को सरल तथा शीघ्र फलदायी माना जाता है। यह मान्यता है कि भोलेनाथ अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा से प्रसन्न होते हैं, चाहे वह एक लोटा जल हो या एक बेलपत्र। इसीलिए, सोमवार के दिन शिवालयों में भक्तों की विशेष भीड़ देखी जाती है। ज्योतिष के अनुसार, यदि राशि के अनुसार विधि से पूजा की जाए, तो भगवान शिव की कृपा जल्दी प्राप्त होती है। आइए जानते हैं कि आज सोमवार को कौन-सी राशि के जातक किस प्रकार शिव पूजा करें।
राशि अनुसार शिव पूजा के उपाय
मेष: तांबे के लोटे में जल या गंगाजल लेकर उसमें लाल पुष्प और लाल चंदन मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। बेलपत्र पर चंदन से ‘श्रीराम’ लिखकर अर्पित करें।
वृषभ: दूध, दही और शक्कर से शिवलिंग का अभिषेक करें। सफेद पुष्प और चंदन अर्पित कर शिव मंत्र का जप करें।
मिथुन: गन्ने के रस या शहद से अभिषेक करना शुभ रहेगा। इससे मनोकामनाएं पूर्ण होने की संभावना बढ़ती है।
कर्क: कच्चे दूध, दही, गंगाजल, मिश्री और घी से अभिषेक करें। आक या सफेद पुष्प अर्पित करना लाभकारी रहेगा।
सिंह: गुड़ मिले जल और घी से अभिषेक करें। यह उपाय सुख-सौभाग्य दिलाने वाला माना गया है।
कन्या: विधि-विधान से पूजा करने के बाद भांग, पान, शमीपत्र और बेलपत्र अर्पित करें।
तुला: दही, गन्ने का रस या शहद से अभिषेक करें। साथ ही सुगंधित पुष्प और माखन-मिश्री चढ़ाएं।
वृश्चिक: जल में दूध, शक्कर और शहद मिलाकर अभिषेक करें। लाल पुष्प, लाल चंदन और बेलपत्र अर्पित करें।
धनु: हल्दी या केसर मिले कच्चे दूध से अभिषेक करें। पीले पुष्प और फल चढ़ाना शुभ रहेगा।
मकर: गंगाजल से अभिषेक करें और नीले पुष्प अर्पित करें। रुद्राक्ष की माला से शिव मंत्र का जप करें।
कुंभ: तिल या बादाम के तेल से अभिषेक करें। बेलपत्र या शमीपत्र चढ़ाकर महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
मीन: केसर मिश्रित दूध और जल से अभिषेक करें। पीले पुष्प और फल अर्पित कर शिव मंत्र का जाप करें।
धार्मिक मान्यता
कहा जाता है कि सच्चे मन और श्रद्धा से की गई पूजा कभी व्यर्थ नहीं जाती। भगवान शिव अपने भक्तों की हर प्रार्थना सुनते हैं और उन्हें उनकी भावना के अनुसार फल प्रदान करते हैं।