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हरियाणा में मौसम में बदलाव: आंधी और बारिश का अलर्ट

हरियाणा में मौसम में अचानक बदलाव आया है, जहां तेज धूप के बाद अब आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे बिजाई का काम रोक दें और खेतों में सिंचाई न करें। पशुपालकों को भी अपने पशुओं की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। जानें इस मौसम के प्रभाव और सुरक्षा उपायों के बारे में अधिक जानकारी।
 

हरियाणा में मौसम का अचानक बदलाव

गुरुग्राम, 29 अप्रैल। हरियाणा के आसमान में अचानक आए बादलों ने गर्मी को कम कर दिया है। कल सुबह जहां तेज धूप ने लोगों को परेशान किया, वहीं रात होते-होते प्रदेश के कई हिस्सों में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी ने मौसम को सुहावना बना दिया। हिसार, सिरसा, पलवल और सोनीपत में रात को हुई इस हलचल ने तापमान में गिरावट दर्ज की है। मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के एक बड़े हिस्से में भारी तूफान और बारिश की चेतावनी जारी की है।


आंधी का प्रभाव इन क्षेत्रों में अधिक

चंडीगढ़ मौसम विभाग ने दक्षिण और मध्य हरियाणा के कई शहरों के लिए विशेष बुलेटिन जारी किया है। आज सोहना, गुरुग्राम, पानीपत, सोनीपत, गोहाना और गन्नौर में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। इसके अलावा सांपला, समालखा, बहादुरगढ़, खरखौदा और नारनौल जैसे क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।


चक्रवातीय घेरे और नमी का प्रभाव

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, मौसम में यह बड़ा बदलाव उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी हरियाणा पर बने एक चक्रवातीय सर्कुलेशन के कारण आया है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी हवाएं नमी लेकर पहुंच रही हैं, जिससे 29 और 30 अप्रैल को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। यह मौसमी बदलाव मई के पहले सप्ताह तक जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।


किसानों के लिए सलाह

खेतों में काम कर रहे किसानों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फिलहाल बिजाई का काम रोक दें और खेतों में सिंचाई न करें। तेज हवाओं के चलते फसल गिरने का डर रहता है, इसलिए जलभराव से बचना जरूरी है। साथ ही, इस समय खेतों में कीटनाशक का छिड़काव बिल्कुल न करें क्योंकि बारिश के कारण दवा धुल जाएगी और मेहनत बेकार चली जाएगी।


पशुधन की सुरक्षा पर ध्यान

मौसम में बदलाव और आंधी की स्थिति को देखते हुए पशुपालकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। पशुओं को खुले में बांधने के बजाय शेड के नीचे रखें ताकि वे लू और आंधी की चपेट में न आएं। पशुओं को पर्याप्त पानी पिलाने और उनके रहने के स्थान पर साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए हैं। दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़, कनीना और अटेली जैसे इलाकों में आंधी का प्रभाव अधिक होने के कारण विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।