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हरियाली तीज पर करें ये सरल उपाय, शनि की साढ़ेसाती से मिलेगी मुक्ति

हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। यह न केवल सजने-संवरने का अवसर है, बल्कि परिवार की खुशहाली का भी प्रतीक है। इस दिन कुछ सरल उपायों के माध्यम से शनि की साढ़ेसाती के दुष्प्रभावों से मुक्ति पाई जा सकती है। जानें कैसे शिवलिंग पर अभिषेक, जीव सेवा और नारियल के उतारे से आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
 

हरियाली तीज का महत्व


हरियाली तीज का पर्व कल मनाया जाएगा
Hariyali Teej Upay, नई दिल्ली: हरियाली तीज का यह पावन अवसर केवल महिलाओं के लिए सजने-संवरने और व्रत रखने का दिन नहीं है, बल्कि यह परिवार की खुशहाली और सुरक्षा का आध्यात्मिक आधार भी है। भारतीय परंपरा के अनुसार, पत्नी की तपस्या और प्रार्थना का पुण्य फल पूरे परिवार को मिलता है।


शिवलिंग पर अभिषेक का महत्व

हरियाली तीज पर शिव-पार्वती की पूजा का विशेष महत्व है। शनिदेव भगवान शिव को अपना गुरु मानते हैं, इसलिए उनकी पूजा से शनि का प्रभाव कम होता है।


इस दिन स्नान के बाद एक तांबे या पीतल के लोटे में गंगाजल भरकर उसमें कुछ काले तिल मिलाएं। इस जल से शिवलिंग का अभिषेक करें और फिर एक मुट्ठी साबुत उड़द दाल भगवान महादेव को अर्पित करें। मन में पति के संकट टालने की प्रार्थना करें।


जीव सेवा से शनि की शांति

यदि आप शनि के दुष्प्रभावों से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो पशु-पक्षियों की सेवा करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। तीज के दिन ताजा रोटी पर सरसों का तेल लगाकर उस पर थोड़ा गुड़ रखें और इसे किसी काली गाय या काले कुत्ते को दें। यह उपाय शनि की साढ़ेसाती के नकारात्मक प्रभाव को कम करता है।


नारियल का उतारा

यदि आपके पति के काम में रुकावटें आ रही हैं, तो एक जटा वाला पानीदार नारियल लें। इसे अपने पति के सिर के ऊपर से घड़ी की दिशा में 21 बार वार करें और फिर इसे किसी पवित्र स्थान पर अग्नि में समर्पित करें।


तीज पर दान की आवश्यकता

इन चीजों का दान करें:



  • काली उड़द की दाल और काले चने।

  • काले या गहरे नीले रंग के वस्त्र।

  • काले तिल और सरसों का तेल।

  • जूते-चप्पल या छाता।