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ब्रह्मांड में गामा-रे बर्स्ट: रहस्यमयी विस्फोटों की खोज

गामा-रे बर्स्ट, ब्रह्मांड में होने वाले सबसे शक्तिशाली और रहस्यमयी विस्फोट हैं। ये विस्फोट सूर्य की चमक से कई गुना अधिक होते हैं और प्रतिदिन कहीं न कहीं होते हैं। वैज्ञानिकों ने इनकी उत्पत्ति और प्रकारों को समझने में कई दशकों का समय लगाया है। जानें कि ये विस्फोट कैसे होते हैं और इनसे हमें ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने में कैसे मदद मिलती है।
 

गामा-रे बर्स्ट की अद्भुत घटनाएँ

नई दिल्ली - गामा-रे बर्स्ट, ब्रह्मांड की सबसे शक्तिशाली और रहस्यमयी घटनाओं में से एक मानी जाती हैं। ये विस्फोट इतने तीव्र और ऊर्जा से भरे होते हैं कि उनकी चमक हमारे सूर्य की तुलना में कई गुना अधिक होती है। खगोलविदों का मानना है कि ये ब्रह्मांड के सबसे बड़े धमाके हैं, जो प्रतिदिन कहीं न कहीं होते रहते हैं।


इन विस्फोटों का पहला पता 1970 के दशक में सैटेलाइट्स के माध्यम से चला था। वर्षों की शोध के बाद, वैज्ञानिकों ने यह समझा है कि ये विस्फोट करोड़ों प्रकाश वर्ष दूर होते हैं, फिर भी उनकी ऊर्जा इतनी शक्तिशाली होती है कि उन्हें पृथ्वी से आसानी से देखा जा सकता है।


गामा-रे बर्स्ट दो प्रकार के होते हैं। पहले को शॉर्ट गामा-रे बर्स्ट या शॉर्ट जीआरबीएस कहा जाता है, जो दो सेकंड से कम समय तक चलते हैं। ये मुख्यतः न्यूट्रॉन तारों की टकराहट या न्यूट्रॉन तारे और ब्लैक होल के मिलन से उत्पन्न होते हैं। इस टकराव के बाद एक नया या बड़ा ब्लैक होल बनता है। वहीं, लॉन्ग गामा-रे बर्स्ट या लॉन्ग जीआरबीएस आमतौर पर एक मिनट तक चलते हैं और ये विशाल तारों के अंत से जुड़े होते हैं। जब ऐसे तारे का ईंधन समाप्त हो जाता है, तो वह अपने गुरुत्वाकर्षण में ढह जाता है और उसके केंद्र में एक ब्लैक होल बनता है।


अब सवाल यह है कि ये धमाके कैसे होते हैं? दोनों प्रकार के विस्फोटों में, नया बना ब्लैक होल तेज गति से कणों की संकरी किरणें यानी जेट छोड़ता है, जो विपरीत दिशाओं में चलते हैं। ये जेट प्रकाश की गति के करीब होते हैं। जब ये जेट आसपास की गैस और धूल से टकराते हैं, तो भयंकर गामा किरणें उत्पन्न होती हैं। जैसे-जैसे ये जेट आगे बढ़ते हैं, उनकी गति धीमी होती जाती है और वे अपनी ऊर्जा खोते जाते हैं। इस प्रक्रिया में 'आफ्टरग्लो' उत्पन्न होता है, जो गामा किरणों से शुरू होकर एक्स-किरणों, दृश्य प्रकाश, इंफ्रारेड और रेडियो तरंगों तक फैलता है।


विशेष बात यह है कि वैज्ञानिकों को जीआरबीएस के बारे में सबसे अधिक जानकारी इन्हीं आफ्टरग्लो से मिलती है, जिन्हें कई दिनों या वर्षों तक ट्रैक किया जा सकता है। गामा-रे बर्स्ट न केवल ब्रह्मांड की सबसे खतरनाक घटनाएँ हैं, बल्कि ये ब्लैक होल, न्यूट्रॉन स्टार और विशाल तारों की मृत्यु जैसे रहस्यों को समझने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वैज्ञानिक अभी भी इनकी कई पहेलियों को सुलझाने में लगे हुए हैं।