2 नवंबर 2026 का पंचांग: कालाष्टमी पर विशेष पूजा और शुभ मुहूर्त
2 नवंबर का महत्व
आज 2 नवंबर, सोमवार को क्या खास है, यह जानने की उत्सुकता सभी में है। आज कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है, जिस दिन कालाष्टमी का व्रत रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि उनकी उपासना से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं और भक्तों को भय से मुक्ति मिलती है।
विशेष पूजा का महत्व
सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। इसके साथ ही, आज शुभ योग का संयोग भी बन रहा है। यदि आप इस दिन कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो अभिजित मुहूर्त और विजय मुहूर्त का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं 2 नवंबर का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ-अशुभ समय, राहुकाल और विभिन्न शहरों में सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
2 नवंबर 2026 का पंचांग
कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दोपहर 1 बजकर 11 मिनट तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी। इस दिन दोपहर तक शुभ योग रहेगा और आश्लेषा नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है।
शुभ मुहूर्त
सोमवार को पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए कई अच्छे मुहूर्त रहेंगे। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:50 बजे से शुरू होगा, जबकि अभिजित मुहूर्त सुबह 11:46 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा।
राहुकाल का समय
ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। विभिन्न शहरों में राहुकाल का समय इस प्रकार रहेगा।
कालाष्टमी पर पूजा का महत्व
हिंदू धर्म में कालाष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व है। यह पर्व हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप भगवान काल भैरव की पूजा की जाती है। भक्त इस अवसर पर व्रत रखते हैं और विधि-विधान से पूजा करते हैं।
भगवान काल भैरव की उपासना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान काल भैरव को समय और न्याय का रक्षक माना जाता है। उनकी पूजा करने से नकारात्मकता, भय और जीवन की बाधाओं से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा, ग्रह दोषों के निवारण और कर्ज संबंधी परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए भी काल भैरव की उपासना महत्वपूर्ण मानी जाती है। जो भक्त किसी कारणवश कालाष्टमी का व्रत नहीं रख पाते, वे भी भगवान काल भैरव की पूजा कर सकते हैं। इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान का स्मरण करना और पूजा करना शुभ माना जाता है।