2026 में पूर्णिमा तिथियों का महत्व और विशेषताएँ
2026 में पूर्णिमा तिथियों का विशेष महत्व है, जिसमें 13 पूर्णिमा तिथियाँ होंगी। प्रत्येक पूर्णिमा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है, जो मानसिक संतुलन और शांति को बढ़ावा देती है। जानें इस वर्ष की प्रमुख पूर्णिमा तिथियाँ और उनके विशेष अनुष्ठान।
May 8, 2026, 16:02 IST
पूर्णिमा का महत्व
हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष स्थान है। हर वर्ष 12 पूर्णिमा तिथियाँ आती हैं, लेकिन इस बार अधिकमास के चलते 2026 में 13 पूर्णिमा तिथियाँ होंगी। प्रत्येक पूर्णिमा का अपना महत्व होता है, जो दिव्यता, पवित्रता और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देती है। पूर्णिमा वह समय है जब चंद्रमा अपनी पूर्णता में होता है, जिससे वातावरण में शांति और सौम्यता का संचार होता है। धार्मिक दृष्टिकोण से, इस दिन अनुष्ठान, जप, व्रत, ध्यान, साधना और दान करने के लिए विशेष अवसर माना जाता है।
2026 की पूर्णिमा तिथियाँ
प्रथम ज्येष्ठ पूर्णिमा - 31 मई 2026
इस बार ज्येष्ठ मास की पहली पूर्णिमा जल दान और शिव पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जा रही है। इस दिन मानसिक थकान दूर होती है और विचारों में स्पष्टता आती है। मान्यता के अनुसार, यह दिन आत्मविश्वास को बढ़ाता है। इस बार अधिक मास 17 मई से 15 जून 2026 तक रहेगा, जिससे ज्येष्ठ महीने में दो पूर्णिमा तिथियाँ होंगी।
द्वितीय ज्येष्ठ पूर्णिमा - 29 जून 2026, सोमवार
द्वितीय ज्येष्ठ पूर्णिमा मन को संतुलन और भावनात्मक शांति का प्रतीक माना जाता है। इस दिन चंद्रमा की रोशनी मन को स्थिरता प्रदान करती है। यह पूर्णिमा 29 जून 2026 को पूर्वाह्न 03:06 बजे से प्रारंभ होकर 30 जून 2026 को प्रात: 05:26 बजे तक रहेगी।
आषाढ़ पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा) - 29 जुलाई 2026
आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहा जाता है, जो गुरु-भक्ति और ज्ञान का पर्व है। इस दिन गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त करना जीवन को दिशा देता है। यह पर्व 29 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा।
श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) - 28 अगस्त 2026
श्रावण मास की पूर्णिमा पर रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है, जो भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक है। यह दिन मानसिक बल और शांति को बढ़ाता है।
भाद्रपद पूर्णिमा - 26 सितंबर 2026
भाद्रपद मास की पूर्णिमा धार्मिक अनुष्ठानों और ध्यान के लिए पवित्र समय है। इस दिन किया गया दान पुण्य फल में वृद्धि करता है।
आश्विन पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) - 26 अक्टूबर 2026
शरद पूर्णिमा को वर्ष की सबसे श्रेष्ठ पूर्णिमा माना जाता है। इस रात चंद्रकिरणों से अमृत बरसता है।
कार्तिक पूर्णिमा - 24 नवंबर 2026
कार्तिक पूर्णिमा के दिन दीपदान और धार्मिक अनुष्ठान के लिए सबसे शुभ मानी जाती है।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा - 23 दिसंबर 2026
मार्गशीर्ष पूर्णिमा भक्ति और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है।