आषाढ़ी अमावस्या: जानें किन राशियों को बरतनी होगी सावधानी
आषाढ़ी अमावस्या, जो 14 जुलाई को मनाई जाएगी, पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध का दिन है। इस दिन कुछ राशियों के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। मिथुन, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को मानसिक तनाव, आर्थिक निर्णय और पारिवारिक कलह से बचने की सलाह दी गई है। जानें इस दिन के महत्व और प्रभाव को कम करने के उपाय।
Jul 13, 2026, 12:46 IST
आषाढ़ी अमावस्या का महत्व
14 जुलाई, मंगलवार को आषाढ़ी अमावस्या का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध का आयोजन किया जाता है, जिससे उनकी आत्मा को शांति मिलती है। इस बार यह अमावस्या मंगलवार को आ रही है, जिसे भौमवती अमावस्या कहा जाता है।
राशियों के लिए सावधानी
इस आषाढ़ अमावस्या पर ग्रहों की स्थिति के कारण कुछ राशियों के जातकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। आइए जानते हैं किन राशियों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
मिथुन राशि
मिथुन राशि
इस दिन मिथुन राशि के जातकों को मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अज्ञात भय या भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस दौरान वाणी पर नियंत्रण रखना आवश्यक है, अन्यथा परिवार में विचारों में मतभेद हो सकते हैं।
कर्क राशि
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों को इस समय भावनात्मक निर्णय लेने से बचना चाहिए, अन्यथा आर्थिक हानि हो सकती है। चंद्रमा की स्थिति के कारण मन में अशांति रह सकती है। इस समय कोई बड़ा आर्थिक निवेश न करें और भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि
कार्यस्थल पर तनाव और दुर्घटनाओं का खतरा बना रह सकता है। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। छिपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें, जो आपकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाए रखें।
मीन राशि
मीन राशि
मीन राशि के जातकों को पारिवारिक कलह और स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। परिवार के सदस्यों के साथ तनाव उत्पन्न हो सकता है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह न रहें और खान-पान का विशेष ध्यान रखें।
अमावस्या के प्रभाव को कम करने के उपाय
- दान-पुण्य: इस दिन जरूरतमंदों को तिल, वस्त्र या अन्न का दान करें।
- पितृ तर्पण: अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित है, इसलिए उनके लिए तर्पण या धूप देकर उन्हें याद करें।
- मंत्र जाप: भगवान शिव के मंत्रों का जप करें, जैसे 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का एक माला मानसिक जप करें।
अमावस्या की तिथि और समय
हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ अमावस्या 13 जुलाई को शाम 06:50 बजे शुरू होगी और 14 जुलाई को दोपहर 03:13 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, यह अमावस्या 14 जुलाई को मनाई जाएगी।