उत्तराखंड में एचपीवी टीकाकरण अभियान की सफलता, पांच जिलों ने लक्ष्य से अधिक प्राप्त किया
मुख्यमंत्री धामी का एचपीवी टीकाकरण अभियान
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में, राज्य सरकार किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा रही है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन इस अभियान को सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, प्रदेश के पांच जनपदों ने निर्धारित संशोधित लक्ष्य को पार कर 100 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान में, कुल 89.17 प्रतिशत किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू किया अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी 2026 को इस देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। इसका मुख्य उद्देश्य किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाना है। इस अभियान के तहत, 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क एचपीवी टीका लगाया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में निर्धारित संशोधित लक्ष्य 95,000 के मुकाबले अब तक 84,707 किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 89.17 प्रतिशत है।
पांच जनपदों ने लक्ष्य को पार किया
एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत, प्रदेश के पांच जनपदों ने अपने निर्धारित संशोधित लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की है। इनमें पिथौरागढ़ 101.80 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है, जबकि चमोली ने 101.39 प्रतिशत, ऊधम सिंह नगर ने 100.75 प्रतिशत, चम्पावत ने 100.62 प्रतिशत और उत्तरकाशी ने 100.85 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है। इन जनपदों में टीकाकरण अभियान की उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है। अन्य जनपदों में भी पात्र किशोरियों तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचाने के लिए अभियान जारी है।
2 नवंबर को आयोजित टीकाकरण सत्र
2 नवंबर 2026 की स्थिति के अनुसार, प्रदेशभर में एक दिन में 43 टीकाकरण सत्र नियोजित किए गए, जिनमें से 31 सत्र सफलतापूर्वक आयोजित हुए। इन सत्रों में कुल 57 किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाया गया। अभियान की शुरुआत से अब तक प्रदेश में कुल 16,710 टीकाकरण सत्र नियोजित किए गए हैं, जिनमें से 15,895 सत्र सफलतापूर्वक आयोजित हो चुके हैं।
एचपीवी वैक्सीन का महत्व
एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है। एचपीवी वैक्सीन कैंसर उत्पन्न करने वाले प्रमुख वायरस प्रकारों, विशेष रूप से एचपीवी-16 और एचपीवी-18, से बचाव में मदद करती है। निर्धारित आयु में टीकाकरण कराने से भविष्य में एचपीवी संक्रमण और इससे संबंधित सर्वाइकल कैंसर का जोखिम कम करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।
अभिभावकों से अपील
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी पात्र बेटियों को एचपीवी का निःशुल्क टीका अवश्य लगवाएं। इसके लिए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार अभिभावकीय सहमति के साथ टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
किशोरियों का स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता- पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार किशोरियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और उन्हें गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। एचपीवी टीकाकरण अभियान सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान को उत्तराखंड में प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश के पांच जनपदों का निर्धारित लक्ष्य पार करना स्वास्थ्य विभाग के समर्पित प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी पात्र बेटियों का निःशुल्क टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि उनका भविष्य स्वस्थ और सुरक्षित बन सके।
प्रत्येक पात्र किशोरी तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचाना लक्ष्य- सुबोध उनियाल
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड में एचपीवी टीकाकरण अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। प्रदेश में 89.17 प्रतिशत उपलब्धि और पांच जनपदों का निर्धारित लक्ष्य से आगे निकलना उत्साहजनक है। उन्होंने कहा कि अभियान की पहुंच बढ़ाकर प्रत्येक पात्र किशोरी तक टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपनी बेटियों का निःशुल्क टीकाकरण कराने की अपील की।