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ओडिशा सरकार ने महिला दिवस पर महिलाओं को दी आर्थिक सहायता

ओडिशा सरकार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की है। सुभद्रा योजना के तहत 1 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस योजना के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की सफलता की बात की। योजना के तहत अब तक 15,000 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया जा चुका है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।
 

महिला दिवस पर विशेष आर्थिक सहायता

पुरी - अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने महिलाओं को महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता प्रदान की है। सुभद्रा योजना के अंतर्गत, 1 करोड़ से अधिक महिला लाभार्थियों के खातों में 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी गई।


योजना की चौथी किस्त का वितरण

मुख्यमंत्री माझी ने पुरी में आयोजित एक विशेष समारोह में इस योजना की चौथी किस्त का वितरण किया। इस कार्यक्रम में राज्य के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। लगभग 1.02 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में 5,000 रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है। इससे पहले भी इस योजना के तहत तीन किस्तें दी जा चुकी हैं।


महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुभद्रा योजना के माध्यम से राज्य की महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में सरकार को सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि इस योजना से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और समाज में अपनी पहचान बना रही हैं।


15,000 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार इस योजना के तहत अब तक 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेज चुकी है। इस बार महिला दिवस के अवसर पर 1.02 करोड़ महिलाओं के खातों में 5,106.33 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना के तहत दिया गया पैसा सीधे बाजार में पहुंचेगा, जिससे छोटे व्यापारियों और स्थानीय उद्योगों को लाभ होगा।


सुभद्रा योजना का उद्देश्य

सुभद्रा योजना ओडिशा सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत योग्य महिलाओं को हर साल 10,000 रुपये की सहायता दी जाती है, जो दो किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। सरकार के अनुसार, इस योजना से राज्य की करोड़ों महिलाओं को आर्थिक सहारा मिला है और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।