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कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए 1 लाख का इनाम: उपायुक्त का ऐलान

पलवल के उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि जो भी व्यक्ति कन्या भ्रूण हत्या की सूचना देगा, उसे एक लाख रुपये का इनाम मिलेगा। इसके साथ ही, भ्रूण हत्या और लिंग जांच में संलिप्त पाए जाने पर अल्ट्रासाउंड सेंटर का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाएगा। उपायुक्त ने जिले के लिंगानुपात को सुधारने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। जानें इस विषय में और क्या कहा गया है।
 

कन्या भ्रूण हत्या की सूचना देने पर मिलेगा इनाम


  • भ्रूण हत्या और लिंग जांच में संलिप्त पाए जाने पर अल्ट्रासाउंड सेंटर का पीएनडीटी रजिस्ट्रेशन तुरंत रद्द किया जाएगा।


(Palawal News) पलवल। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जानकारी दी है कि कन्या भ्रूण हत्या की सूचना देने पर सरकार एक लाख रुपये का इनाम प्रदान करेगी। इस मामले में सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए प्रशासन द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।


कानूनी प्रावधान और दंड

उपायुक्त ने बताया कि पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट 1994 के तहत, यदि कोई सेंटर गर्भधारण पूर्व लिंग चयन या प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण में संलिप्त पाया जाता है, तो पहले अपराध पर 3 साल की कैद और 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पुनरावृत्ति पर 5 साल की कैद और 50,000 रुपये का जुर्माना होगा।


परिवार के सदस्यों या लिंग चयन के लिए उकसाने वाले व्यक्तियों के लिए पहले अपराध पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना और 3 साल की कैद का प्रावधान है। पुनरावृत्ति पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना और 5 साल की कैद का प्रावधान है। आरोप तय होने पर डॉक्टर का मेडिकल रजिस्ट्रेशन निलंबित किया जाएगा।


लिंगानुपात सुधारने के लिए सामूहिक प्रयास

उपायुक्त ने पलवल जिले के निवासियों से अपील की है कि वे घटते लिंगानुपात को सुधारने के लिए एकजुट होकर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि बेटियां अनमोल हैं और उन्हें भी जीवन में आने का पूरा हक है। केवल विशेष दिन मनाने से कन्या भ्रूण हत्या समाप्त नहीं होगी।


जब हम अपनी बेटियों को बेटों के बराबर समझेंगे, तभी कन्या भ्रूण हत्या अपने आप समाप्त हो जाएगी।


कन्या भ्रूण हत्या: कानूनी और सामाजिक अपराध

उपायुक्त ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या केवल कानूनी अपराध नहीं, बल्कि एक सामाजिक अपराध भी है। बेटियां किसी भी मामले में बेटों से पीछे नहीं हैं, इसलिए उन्हें समाज में समान अवसर दिए जाने चाहिए। इसके लिए हर व्यक्ति को अपनी सोच में बदलाव लाना होगा।


यदि कोई अल्ट्रासाउंड सेंटर भ्रूण हत्या या लिंग जांच में संलिप्त पाया जाता है, तो उसका पीएनडीटी रजिस्ट्रेशन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।


सहयोग करने वाली महिलाओं को मिलेगा इनाम

उपायुक्त ने बताया कि यदि कोई गर्भवती महिला नकली ग्राहक बनकर भ्रूण हत्या और लिंग जांच करने वालों को पकड़वाने में स्वास्थ्य विभाग की मदद करती है, तो उसे 50,000 रुपये दिए जाएंगे और उसका नाम गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने आम जनता से भ्रूण हत्या और लिंग जांच के बारे में सूचना देने की अपील की है।