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गर्मी में कार में आग: इंश्योरेंस कवर के बारे में जानें

गर्मी के मौसम में कारों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे यह जानना जरूरी हो गया है कि आपका कार इंश्योरेंस इस नुकसान की भरपाई करेगा या नहीं। थर्ड-पार्टी और कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस के बीच का अंतर समझना महत्वपूर्ण है। इस लेख में, हम आपको बताएंगे कि आग लगने पर आपको क्या करना चाहिए, मुआवजे की राशि कैसे तय होती है, और किन कारणों से आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। जानें कि सही पॉलिसी कैसे चुनें और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
 

गर्मी और शॉर्ट सर्किट से बढ़ती आग की घटनाएं

चंडीगढ़, 20 अप्रैल। भीषण गर्मी और शॉर्ट सर्किट के कारण कारों में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि क्या आपका कार इंश्योरेंस इस नुकसान की भरपाई करेगा। थर्ड-पार्टी और कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस के बीच का अंतर आपके पैसे बचा सकता है।


भारत में बढ़ती गर्मी और गाड़ियों में इलेक्ट्रिकल खराबियों के कारण कार में आग लगने की घटनाएं आम हो गई हैं। हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर जैसे क्षेत्रों में तापमान बढ़ने पर गाड़ियों के इंजन और वायरिंग पर दबाव बढ़ता है, जिससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। अधिकांश लोग कार इंश्योरेंस को केवल एक्सीडेंट या चोरी से जोड़कर देखते हैं, लेकिन आग का कवर भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि आप सही पॉलिसी नहीं चुनते हैं, तो आग लगने की स्थिति में आपकी पूरी जमा पूंजी नष्ट हो सकती है।


थर्ड-पार्टी और कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस में अंतर

कार इंश्योरेंस मुख्य रूप से दो श्रेणियों में विभाजित होता है। थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस केवल दूसरे की संपत्ति या व्यक्ति को हुए नुकसान की भरपाई करता है; इसमें आपकी अपनी कार का कोई कवर नहीं होता। इसका मतलब है कि यदि आपकी गाड़ी में आग लगती है, तो आपको खुद से नुकसान उठाना होगा। इसके विपरीत, कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस में आग, चोरी, प्राकृतिक आपदाओं और एक्सीडेंट जैसे सभी जोखिम शामिल होते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि हमेशा कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी लें और उसमें आग से होने वाले नुकसान के क्लॉज को ध्यान से पढ़ें।


आग लगने पर क्या करें?

यदि दुर्भाग्यवश आपकी कार में आग लग जाए, तो सबसे पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें। सुरक्षित दूरी पर जाकर तुरंत फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस को सूचित करें। क्लेम की प्रक्रिया में पुलिस रिपोर्ट (FIR) और फायर डिपार्टमेंट की रिपोर्ट महत्वपूर्ण सबूत होते हैं। इसके अलावा, मौके पर जलती हुई कार के फोटो और वीडियो बनाना न भूलें। आजकल अधिकांश कंपनियां मोबाइल ऐप के जरिए त्वरित क्लेम रजिस्ट्रेशन की सुविधा देती हैं, जिसका उपयोग कर तुरंत अपनी इंश्योरेंस कंपनी को सूचित करें।


कितना मुआवजा मिलेगा?

क्लेम के दौरान आपको मिलने वाली राशि आपकी कार की IDV (Insured Declared Value) पर निर्भर करती है। यह वह अधिकतम राशि है जो कंपनी कार के टोटल लॉस पर देती है। हालांकि, भुगतान के समय कार की उम्र के अनुसार डिप्रिसिएशन काटा जाता है। यदि आप चाहते हैं कि आपको पूरा मुआवजा मिले, तो 'Zero Depreciation' या 'Return to Invoice' जैसे ऐड-ऑन कवर अपनी पॉलिसी में शामिल करें। इससे पुरानी कार होने पर भी आपको अच्छी राशि मिल सकती है।


क्लेम रिजेक्ट होने के कारण

हर आग लगने की घटना पर क्लेम मिलना जरूरी नहीं है। यदि पॉलिसी लैप्स हो चुकी है या प्रीमियम समय पर नहीं भरा गया है, तो कंपनी क्लेम को अस्वीकार कर सकती है। इसके अलावा, यदि आग ड्राइवर की लापरवाही से लगी है (जैसे जलती सिगरेट छोड़ना या इंजन चालू छोड़कर जाना), तो क्लेम खारिज हो सकता है। अवैध रूप से सीएनजी किट लगवाना या बिना सूचना के कार में एक्सेसरीज के लिए वायरिंग में छेड़छाड़ करना भी क्लेम रिजेक्शन का बड़ा कारण बनता है।