ज्येष्ठ पूर्णिमा: विशेष उपाय और धार्मिक महत्व
ज्येष्ठ पूर्णिमा का महत्व
नई दिल्ली - सनातन धर्म में ज्येष्ठ पूर्णिमा का एक विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन वट पूर्णिमा व्रत और स्नान पूर्णिमा का आयोजन किया जाता है। विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य और अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए वट वृक्ष की पूजा करती हैं। ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ मंदिर में महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का 108 पवित्र कलशों के जल से महाअभिषेक किया जाता है, जो रथ यात्रा से पहले की एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है।
इस वर्ष का विशेष संयोग
इस साल 29 जून 2026, सोमवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा, जो विशेष महत्व रखता है। पूर्णिमा और सोमवार का यह शुभ संयोग भगवान शिव, श्रीहरि विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा को फलदायी मानता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन श्रद्धा से की गई पूजा, दान और जप से सुख, समृद्धि, मानसिक शांति और जीवन की बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
राशि अनुसार शुभ उपाय
राशि अनुसार करें ये शुभ उपाय
मेष: भगवान शिव का कच्चे दूध और शहद से अभिषेक करें। इससे करियर में रुकावटें दूर होने की संभावना है।
वृषभ: आर्थिक समृद्धि के लिए दूध, दही, सफेद चंदन या मिश्री का दान करें। चांदी के पात्र से चंद्रमा को अर्घ्य देना भी शुभ है।
मिथुन: भगवान सत्यनारायण की कथा सुनें और भगवान विष्णु को पीले फल अर्पित करें। इससे भाग्य का सहयोग मिलने की संभावना है।
कर्क: शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर अक्षत अर्पित करें और 'ॐ नमः शिवाय' का जप करें। इससे स्वास्थ्य में सुधार होने की संभावना है।
सिंह: जरूरतमंदों को गुड़ या गेहूं का दान करें। इससे मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
कन्या: माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाकर कन्याओं में प्रसाद वितरित करें। इससे घर में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
तुला: पूर्णिमा की रात चंद्रमा की चांदनी में बैठकर 'ॐ सों सोमाय नमः' का जप करें। इससे मानसिक शांति मिलेगी।
वृश्चिक: सोमवार और पूर्णिमा के संयोग में पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें। इससे कर्ज से मुक्ति मिलेगी।
धनु: चने की दाल या बेसन के लड्डुओं का दान करें। यह शिक्षा और करियर में बाधाओं को दूर करेगा।
मकर: जल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। इससे शनि संबंधी कष्टों में राहत मिलेगी।
कुंभ: पीपल के नीचे घी का दीपक जलाएं और शिवलिंग पर गन्ने का रस अर्पित करें। इससे आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
मीन: भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। इससे वैवाहिक जीवन में सुख आएगा।
धार्मिक मान्यता
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है।