द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी: घर में दीप जलाने के शुभ स्थान
बरसेगी बप्पा की कृपा!
Dwijapriya Sankashti Chaturthi, नई दिल्ली: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को सबसे पहले पूजा जाने वाला और विघ्नों को दूर करने वाला माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश की पूजा से होती है। मान्यता है कि गणपति बप्पा अपने भक्तों की सभी समस्याओं का समाधान करते हैं और सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं। पंचांग के अनुसार, द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत 5 फरवरी 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत करने से जीवन की बाधाएं समाप्त होती हैं और इच्छाएं पूरी होती हैं।
इस बार गुरुवार का दिन होने के कारण यह व्रत और भी फलदायी है, क्योंकि यह भगवान विष्णु का दिन है और गणेश जी उनके प्रिय हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शाम को घर के कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से गणपति बप्पा की कृपा प्राप्त होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
शाम के समय इन जगहों पर जलाएं दीपक
- मुख्य द्वार: घर के मुख्य दरवाजे के दोनों ओर दीपक जलाएं। यह नकारात्मक ऊर्जा को रोकता है और घर में खुशहाली लाता है।
- पूजा घर: बप्पा के सामने घी का दीपक जलाएं और उसमें एक लौंग डाल दें। इससे घर का वास्तु दोष दूर होता है।
- रसोई घर: रसोई में पीने के पानी के स्थान के पास दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और अन्न-धन की कमी नहीं होती।
- तुलसी का पौधा: शाम को तुलसी के क्यारे में दीपक जरूर लगाएं। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और परिवार में प्रेम बना रहता है।
- पीपल या शमी का पेड़: यदि घर के पास पीपल या शमी का पेड़ हो, तो वहां दीप दान करें। इससे ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
संकष्टी चतुर्थी के दिन कैसे करें पूजा?
सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें। शाम को गणेश जी की मूर्ति को लाल वस्त्र पर विराजित करें। उन्हें दूर्वा, मोदक और लाल फूल अर्पित करें। चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को दूध और जल से अर्घ्य देकर व्रत खोलें। इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है। सामर्थ्य अनुसार जरूरतमंदों को तिल या गुड़ का दान करें।
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का महत्व
भगवान गणेश के 32 रूपों में से छठा रूप द्विजप्रिय गणेश का है। इनकी चार भुजाएं होती हैं और ये ज्ञान व धन के दाता माने जाते हैं। इस दिन व्रत रखने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि रुके हुए काम भी पूरे होते हैं। कहा जाता है कि संकष्टी चतुर्थी पर दीपक जलाकर भगवान गणेश की पूजा करने से घर की आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और परिवार में खुशहाली आती है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है, जो जीवन में बार-बार आने वाली समस्याओं से परेशान रहते हैं।