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पंजाबी लेखक सभा ने शमशेर संधू के साथ आयोजित किया विशेष कार्यक्रम

पंजाबी लेखक सभा ने चंडीगढ़ में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें प्रसिद्ध गीतकार शमशेर संधू ने अपने अनुभव साझा किए। इस कार्यक्रम में खेल लेखक नवदीप गिल ने शमशेर संधू के साथ संवाद किया, जिसमें उनके गीत लेखन और सांस्कृतिक योगदान पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में कई प्रमुख साहित्यकार और पत्रकार भी शामिल हुए, जिन्होंने शमशेर संधू की कला की सराहना की। यह आयोजन पंजाबी साहित्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
 

पंजाबी लेखक सभा का आयोजन

चंडीगढ़ - पंजाब कला भवन में पंजाबी लेखक सभा ने पंजाब कला परिषद के सहयोग से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध गीतकार और वरिष्ठ पत्रकार शमशेर संधू ने भाग लिया। कार्यक्रम का नाम ‘यार बोलदा…’ रखा गया, जिसमें खेल लेखक नवदीप सिंह गिल ने शमशेर संधू के साथ संवाद किया।



सभा के जनरल सचिव भूपिंदर सिंह मलिक ने बताया कि शमशेर संधू का नाम पंजाबी गीत लेखन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रधान दीपक शर्मा ने सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि शमशेर संधू ने अपने अनुभवों के माध्यम से आधी सदी का इतिहास साझा किया।


सचिव सुखविंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि शमशेर संधू ने अपनी गीत लेखनी से इस विधा को नई दिशा दी है, जिससे कई गायकों ने सफलता प्राप्त की। मनदीप कौर मराड़ ने शमशेर संधू का एक गीत ‘पेकें हुंदे मावां नाल’ गाकर सभी का दिल जीत लिया।


शमशेर संधू का योगदान


नवदीप गिल ने बताया कि शमशेर संधू ने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षक के रूप में की और बाद में एक प्रतिष्ठित पत्रकार बन गए। उनके 500 से अधिक गीत 80 से अधिक गायकों द्वारा गाए जा चुके हैं। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि पंजाब की संस्कृति में लोक रंगों की भरपूरता है।


शमशेर संधू ने अपने गीत लेखन के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि कई बार गीतों की धुनें उनके मन में पहले से ही बन जाती थीं। दविंदर कौर ढिल्लों ने भी एक गीत प्रस्तुत किया, जिसे शमशेर संधू ने लिखा था। नवदीप गिल ने शमशेर संधू के जीवन के कई पहलुओं पर चर्चा की, जिससे कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गए।


उपस्थित साहित्यकार

इस कार्यक्रम में कई प्रसिद्ध लेखक, पत्रकार, गायक और बुद्धिजीवी शामिल हुए। इनमें बलकार सिद्धू, डॉ. गुरमिंदर सिद्धू, संजीवन सिंह और अन्य ने शमशेर संधू की गीत लेखनी पर प्रश्न पूछे।


कार्यक्रम में कवयित्री सुखविंदर अमृत, गायक सूफी बलबीर, वरिष्ठ पत्रकार बलजीत बली और कई अन्य उपस्थित थे। सभी ने शमशेर संधू के योगदान की सराहना की और उनके गीतों के बारे में चर्चा की।