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प्रधानमंत्री मोदी का भजन क्लबिंग कार्यक्रम में जेन-जी के साथ अनोखा अंदाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली में 'भजन क्लबिंग' कार्यक्रम में जेन-जी युवाओं के साथ भाग लिया। उन्होंने भक्ति गीतों पर ताली बजाते हुए और खंजरी बजाते हुए एक अनोखा अंदाज पेश किया। इस कार्यक्रम का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर किया गया था। पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम का वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा किया और युवाओं को भक्ति से जोड़ने के इस नए ट्रेंड की सराहना की। जानें इस कार्यक्रम के बारे में और पीएम मोदी के विचारों को।
 

दिल्ली में भजन क्लबिंग कार्यक्रम

नई दिल्ली: शुक्रवार की शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक नया रूप देखने को मिला। वे दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित 'भजन क्लबिंग' कार्यक्रम में जेन-जी युवाओं के बीच पहली पंक्ति में बैठे हुए थे। इस दौरान, उन्होंने भक्ति गीतों की धुन पर ताली बजाते और खंजरी बजाते हुए नजर आए। पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'इंस्टाग्राम' पर साझा किया और कैप्शन में लिखा, "क्या इसे देखते हुए आपने अपने पैर थपथपाए?"


वास्तव में, 'भजन क्लबिंग' एक नया आध्यात्मिक ट्रेंड है जो युवाओं, विशेषकर जेन-जी के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसमें पारंपरिक भजनों और कीर्तनों को आधुनिक संगीत के साथ प्रस्तुत किया जाता है, ताकि युवा पीढ़ी भक्ति से जुड़ सके। इसी संदर्भ में, शुक्रवार को भारतीय जनसंघ के नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।


 

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वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रधानमंत्री दर्शकों के बीच बैठे हैं, जबकि मंच पर गायक और संगीतकार भक्ति गीत गा रहे हैं। पीएम मोदी पूरी भक्ति भाव में ताली बजाते हुए दिखाई दे रहे हैं।


इससे पहले, पीएम मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "राष्ट्र सेवा के सच्चे अनुयायी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उनकी जयंती पर मेरी श्रद्धांजलि। उन्होंने समाज के सबसे निचले तबके के उत्थान को राष्ट्र निर्माण का आधार माना और हमें अंत्योदय का दर्शन दिया, जो आज भी जन कल्याण के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।"


पीएम ने नागरिकों से उनके विचारों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा, "आइए, इस विशेष अवसर पर उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात करने और अपने सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने के अपने संकल्प को दोहराएं।"


दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था। वे भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक थे। उन्होंने हिंदुत्व पुनरुत्थान के लिए 1940 के दशक में 'राष्ट्र धर्म' नामक मासिक पत्रिका की शुरुआत की थी।