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बगलामुखी जयंती 2023: पूजा विधि और शुभ मुहूर्त की जानकारी

इस वर्ष बगलामुखी जयंती 24 अप्रैल को मनाई जाएगी। यह दिन मां बगलामुखी की पूजा के लिए विशेष महत्व रखता है, जो शत्रुओं से रक्षा और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति का प्रतीक है। जानें इस दिन की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और मां के मंत्र का महत्व। श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर विशेष फलदायी माना जाता है।
 

बगलामुखी जयंती का महत्व

नई दिल्ली - हिंदू धर्म में मां बगलामुखी की पूजा को अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वर्ष, वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर बगलामुखी जयंती 24 अप्रैल, शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। यह दिन शत्रुओं से सुरक्षा, नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।


मां बगलामुखी की विशेषताएँ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां बगलामुखी अपने भक्तों के विरोधियों की वाणी और बुद्धि को स्थिर कर देती हैं, जिससे उनके नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाते हैं। इसलिए, उन्हें न्याय, विजय और सुरक्षा की देवी माना जाता है।


दस महाविद्याओं में स्थान

दस महाविद्याओं में विशेष स्थान
मां बगलामुखी को दस महाविद्याओं में आठवां स्थान प्राप्त है। उन्हें ‘पीताम्बरा देवी’ भी कहा जाता है, क्योंकि पीला रंग उन्हें प्रिय है। उनकी साधना से शत्रु शांत होते हैं, कोर्ट-कचहरी में सफलता मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है।


तिथि और शुभ मुहूर्त

तिथि और शुभ मुहूर्त
इस बार अष्टमी तिथि 24 अप्रैल को शाम 7:21 बजे तक रहेगी। उदय तिथि के अनुसार पूरे दिन पूजा का महत्व है। इस दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं:

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:19 से 5:03 बजे तक
  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:53 से 12:46 बजे तक
  • अमृत काल: दोपहर 2:01 से 3:35 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:30 से 3:23 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:51 से 7:13 बजे तक
  • रवि योग: रात 8:14 बजे से 25 अप्रैल सुबह 5:46 बजे तक

इन शुभ समयों में मां की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है।


पूजा विधि

कैसे करें पूजा?
बगलामुखी जयंती के दिन भक्तों को सुबह स्नान कर पीले वस्त्र पहनने चाहिए। पूजा स्थल को स्वच्छ करके वहां पीला कपड़ा बिछाएं और मां बगलामुखी की मूर्ति या यंत्र स्थापित करें। इसके बाद संकल्प लेकर मां को हल्दी, पीले फूल, पीले चावल और मिठाई अर्पित करें।

भोग में बेसन के लड्डू, केसरिया हलवा, चने की दाल या पीले चावल चढ़ाना शुभ माना जाता है। घी का दीपक जलाकर श्रद्धा से पूजा करें और अंत में आरती कर क्षमा प्रार्थना करें।


मंत्र जाप का महत्व

मंत्र जाप का महत्व
इस दिन मां बगलामुखी के विशेष मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना गया है:

“ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय, जिह्वां कीलय, बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा।”

मान्यता है कि इस मंत्र के नियमित जाप से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, शत्रु शांत होते हैं और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।