बाबा बंदा सिंह बहादुर मेमोरियल का निर्माण सेवा का शुभारंभ
बाबा बंदा सिंह बहादुर मेमोरियल का शुभारंभ
व्यासपुर / यमुनानगर - अमर शहीद बाबा बंदा सिंह बहादुर द्वारा स्थापित पहले सिख राज्य की राजधानी लोहगढ़ में बाबा बंदा सिंह बहादुर मेमोरियल के निर्माण सेवा की शुरुआत की गई। इस अवसर पर गुरबाणी का पाठ किया गया और अरदास की गई। 'बोले सो निहाल सत श्री अकाल' के जयकारों के बीच, पांच प्यारों ने अपने हाथों से पांच ईंटें रखकर इस सेवा की शुरुआत की। इस मौके पर, गुरु साहिबान, बंदा सिंह बहादुर और महाराजा रणजीत सिंह के जीवनकाल में अपनाई गई सर्व धर्म समभाव की भावना के अनुरूप, एक विद्वान पंडित जी ने भी ईंट रखकर आपसी संबंधों की नींव को मजबूत किया।
बाबा बंदा सिंह बहादुर लोहगढ़ फाउंडेशन के संस्थापक एवं चेयरमैन श्री मनोहर लाल जी, जिनकी दूरदर्शिता से इस मेमोरियल की रूपरेखा बनी, ने भी ईंट रखकर शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री और फाउंडेशन के ट्रस्टी श्री कंवर पाल जी ने भी इस अवसर पर ईंट रखकर सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। अन्य गणमान्य व्यक्तियों में ओएसडी श्री प्रभलीन सिंह जी, फाउंडेशन के ट्रस्टी डॉ. शिव शंकर सिंह पाहवा और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य बलदेव सिंह कायमपुरी शामिल थे।
लोहगढ़ एक ऐतिहासिक स्थल है जहाँ हर कोई नतमस्तक होता है। बाबा बंदा सिंह बहादुर ने 1710 में सरहिंद पर विजय के बाद पहले सिख राज्य की घोषणा की और मुगलों को पंजाब से खदेड़कर इसे राजधानी बनाया। यहीं से सिख राज्य का सिक्का और राजाग्या के लिए मोहर जारी की गई थी, जो गुरु नानक और गुरु गोबिंद सिंह के हलीमी राज के सपनों को साकार करती है।
तीन शताब्दियों के बाद इस पावन स्थल के ऐतिहासिक महत्व को पुनः जागृत करने का श्रेय भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री मनोहर लाल जी को जाता है, जो स्वयं शहीदों के वारिस हैं। लोहगढ़ में बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन और शहादत पर म्यूजियम, मार्शल आर्ट अकादमी, सामूहिक केंद्र, उनकी मूर्ति, उपलब्ध शस्त्रों और सिक्कों की प्रतिमूर्ति और उनके जीवन पर आधारित लाइट एंड साउंड कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
पूर्व मंत्री और बाबा बंदा सिंह बहादुर निगरानी समिति के चेयरमैन कंवर पाल गुर्जर ने बताया कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से बाबा बंदा सिंह बहादुर लोहगढ़ फाउंडेशन ट्रस्ट की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच गुरुओं और महापुरुषों की यादगार, संघर्ष और आदर्शों को लाना आवश्यक है ताकि वे अपने असली इतिहास के बारे में जान सकें। सरकार द्वारा गुरुओं और महापुरुषों की जीवनियों को स्कूलों की किताबों में शामिल किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार बाबा बंदा सिंह बहादुर लोहगढ़ फाउंडेशन ट्रस्ट के माध्यम से लोहगढ़ स्मारक के विकास के लिए प्रतिबद्ध है ताकि युवा पीढ़ी और आने वाली पीढ़ियाँ लोहगढ़ के इतिहास और बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन, संघर्ष और शहादत के बारे में जान सकें। बाबा बंदा सिंह बहादुर सिख सेनानायक थे जिन्होंने मुगलों को पराजित कर उनके अजेय होने के भ्रम को तोड़ा।
बाबा बंदा सिंह बहादुर लोहगढ़ फाउंडेशन ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य एस.एस. पाहवा ने बताया कि बाबा बंदा सिंह बहादुर ने सिख राज की पहली राजधानी लोहगढ़ की स्थापना की थी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने लोहगढ़ को वैश्विक मानचित्र पर लाने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। इस अवसर पर कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।