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मध्य प्रदेश में स्ट्रीट वेंडर के जीवन में बदलाव लाने वाली योजना

मध्य प्रदेश में स्ट्रीट वेंडरों के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का सफल कार्यान्वयन किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस योजना की उपलब्धियों और इसके प्रभावों पर प्रकाश डाला। इंदौर नगर निगम ने इस योजना के तहत सबसे अधिक ऋण प्रकरणों का वितरण किया है, जिससे छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। योजना के अंतर्गत डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पथ-विक्रेताओं को आर्थिक लाभ हो रहा है।
 

मुख्यमंत्री का बयान

मध्य प्रदेश में पथ-विक्रेताओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने स्ट्रीट वेंडरों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है।


योजना की सफलता

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के सफल कार्यान्वयन में देश में एक अद्वितीय उदाहरण पेश किया है, जो हमारी सरकार की अंत्योदय और समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


इंदौर की उपलब्धि

यादव ने नगरीय निकायों द्वारा राष्ट्रीय रैंकिंग में प्राप्त उत्कृष्ट स्थान की सराहना की। इंदौर नगर निगम ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत 33,332 ऋण प्रकरणों का वितरण कर देश में पहले स्थान पर आकर प्रदेश का मान बढ़ाया है।


भोपाल और जबलपुर की रैंकिंग

भोपाल ने 10 लाख से 40 लाख की जनसंख्या वाली श्रेणी में देश में द्वितीय और जबलपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे व्यापारियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है।


ऋण वितरण की जानकारी

अब तक 9.92 लाख से अधिक पथ-विक्रेताओं ने इस योजना का लाभ उठाया है। 15.69 लाख ऋण प्रकरणों के माध्यम से 2632 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों को दी गई है।


डिजिटल साक्षरता

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 7 लाख से अधिक पथ-विक्रेताओं ने डिजिटल लेन-देन अपनाया है, जिससे उन्हें 47 करोड़ रुपये से अधिक का कैशबैक मिला है।


भविष्य की योजनाएँ

यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि यह योजना 31 मार्च, 2030 तक मध्य प्रदेश के नगरीय अर्थतंत्र को नई गति प्रदान करेगी और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी।