मरुआ: सर्दियों में स्वास्थ्य के लिए एक आयुर्वेदिक चमत्कार
मरुआ का महत्व और स्वास्थ्य लाभ
मरुआ एक अद्भुत आयुर्वेदिक पौधा है, जो आपके शरीर को अंदर से स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके पत्तों में पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन, फाइबर, प्रोटीन, मैग्नीशियम और विटामिन बी6 की भरपूर मात्रा होती है, जिससे इसे आयुर्वेद में विशेष स्थान प्राप्त है।
सर्दियों में अक्सर लोग सर्दी, खांसी और कफ से परेशान होते हैं, और इस स्थिति में मरुआ काफी सहायक साबित होता है। आप मरुआ की पत्तियों को चाय में डालकर सेवन कर सकते हैं। इसके साथ ही, थोड़ी सी मुलेठी मिलाने से खांसी और गले की खराश में राहत मिलती है।
बच्चों के लिए भी मरुआ बेहद फायदेमंद है। इसकी चटनी पेट के कीड़ों को खत्म करने में मदद करती है। आप मरुआ की पत्तियों को पीसकर चटनी बना सकते हैं, जो बच्चों के लिए पाचन में सहायक होती है। अपच की समस्या में भी यह उपयोगी है। अदरक के साथ मिलाकर बनाई गई चटनी खाने के साथ लेने से पाचन बेहतर होता है।
कफ रोगियों के लिए भी मरुआ का काढ़ा लाभकारी है। यह गले और फेफड़ों में जमा बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा, मरुआ के पत्ते मुंह की दुर्गंध और मसूड़ों की समस्याओं को भी दूर करते हैं। बस पत्तियों को चबाने से मुंह की बदबू कम होती है।
हालांकि, मरुआ का उपयोग करने से पहले किसी आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। नियमित और सही तरीके से सेवन करने पर, यह आपके शरीर को पोषण प्रदान करता है, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और सर्दियों में स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करता है।