राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी का नाम बदलने का प्रस्ताव
राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी का नाम बदलने का निर्णय
राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी का नाम बदलने का प्रस्ताव: राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ की एकेडमिक काउंसिल ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाने की सिफारिश की है। इस प्रस्ताव में यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर केवल “नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी” रखने का सुझाव दिया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि इस प्रस्ताव को मंज़ूरी मिल गई है। कांग्रेस ने इसे चुनावी स्टंट करार दिया है।
यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर प्रोफेसर जयशंकर सिंह ने कहा कि एकेडमिक काउंसिल ने मौजूदा राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ (RGNUL) का नाम बदलकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी करने का प्रस्ताव मंजूर किया है। उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए एग्जीक्यूटिव काउंसिल को भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, एग्जीक्यूटिव काउंसिल से मंजूरी मिलने के बाद इसे पंजाब हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट को भेजा जाएगा, जिसके लिए राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ, पंजाब एक्ट, 2006 में संशोधन की आवश्यकता होगी।
इस बीच, पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री और पटियाला रूरल से विधायक बलबीर सिंह ने कहा कि उन्हें इस प्रस्ताव के बारे में जानकारी नहीं है और जब तक उन्हें सभी तथ्य नहीं मिल जाते, वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं इस मामले का अध्ययन करूंगा और पूरी जानकारी इकट्ठा करूंगा।” पटियाला से कांग्रेस सांसद धर्मवीर गांधी ने इस कदम की आलोचना की और इसे “पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले वोटरों को बांटने की जानबूझकर की गई कोशिश” बताया।
गौरतलब है कि राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ, पंजाब एक्ट, 2006 के तहत स्थापित की गई थी और इसने मई 2006 में पटियाला में कार्य करना शुरू किया, जबकि जुलाई 2006 में इसे बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया से मंजूरी मिली थी।