लद्दाख में राज्य वन्यजीव बोर्ड का पुनर्गठन, उपराज्यपाल ने दी मंजूरी
लद्दाख में वन्यजीव बोर्ड का नया गठन
लद्दाख के उपराज्यपाल, विनय कुमार सक्सेना, ने बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश में 'राज्य वन्यजीव बोर्ड' के पुनर्गठन को स्वीकृति दी। इस प्रक्रिया में उन्होंने संरक्षणवादियों, पारिस्थितिकी विशेषज्ञों, पर्यावरणविदों और वन्यजीव संरक्षण में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया है।
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 29 मई को समाप्त हो रहा था, जिससे बोर्ड के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए पुनर्गठन आवश्यक हो गया।
राज्य वन्यजीव बोर्ड केंद्र-शासित प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता प्रबंधन से संबंधित मामलों के लिए सर्वोच्च वैधानिक संस्था है।
यह बोर्ड वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम की धारा-6 के तहत स्थापित किया गया है, जो सरकार को वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण की नीतियों पर सलाह देता है, वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करता है, और प्राकृतिक आवासों तथा लुप्तप्राय प्रजातियों की सुरक्षा के लिए उपाय सुझाता है।
उप राज्यपाल ने कहा कि पुनर्गठित 'राज्य वन्यजीव बोर्ड' लद्दाख में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाएगा।