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शिक्षा सहायता: राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में जरूरतमंद छात्रों को शिक्षा सहायता देने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इसे राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में 450 छात्रों को स्कूल सामग्री वितरित की गई और सरकारी स्कूलों के अच्छे प्रदर्शन की सराहना की गई। कटारिया ने मेधावी छात्रों के लिए करियर काउंसलिंग कार्यक्रम की योजना का भी उल्लेख किया।
 

पंजाब के राज्यपाल का शिक्षा पर जोर

चंडीगढ़: पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि जरूरतमंद छात्रों को शिक्षा सहायता प्रदान करना केवल दान नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कटारिया ने यह बात मंगलवार को भारत विकास परिषद चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित 'साक्षरता' कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर लगभग 450 वंचित और मेधावी छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म, बैग, स्टेशनरी और अन्य अध्ययन सामग्री वितरित की गई।


प्रशासक ने छात्रों को बड़े सपने देखने, अनुशासित रहने और सफलता के लिए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों के प्रदर्शन की सराहना की, जहां इस वर्ष सीबीएसई कक्षा 12वीं का परिणाम 87.25 प्रतिशत रहा, जो राष्ट्रीय औसत 85.2 प्रतिशत से अधिक है। 57 छात्रों ने 95 प्रतिशत से अधिक और 348 ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। उन्होंने बताया कि प्रशासन मेधावी छात्रों के लिए एक संरचित करियर काउंसलिंग कार्यक्रम शुरू करेगा और उद्योगपतियों का सहयोग प्राप्त करेगा।


राज्यपाल ने भारत विकास परिषद द्वारा वर्ष 2026-27 में मेधावी छात्रों के लिए 25 लाख रुपये निर्धारित करने के निर्णय की प्रशंसा की। इसके तहत कक्षा 9वीं, 11वीं और 12वीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले योग्य छात्रों को सहायक पुस्तकें, 5,000 रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति और व्यक्तित्व विकास सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि 1987 से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा में सक्रिय परिषद की साक्षरता परियोजना से 22,000 से अधिक छात्र लाभान्वित हो चुके हैं। वास्तविक सामाजिक प्रगति तभी संभव है जब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी वर्गों तक पहुंचे।