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शिवखोड़ी गुफा: वैष्णों देवी की यात्रा का अनिवार्य हिस्सा

जम्मू-कश्मीर की धार्मिक यात्रा में मां वैष्णों देवी के दर्शन के बाद शिवखोड़ी गुफा की यात्रा अनिवार्य मानी जाती है। यह गुफा न केवल अद्भुत प्राकृतिक शिवलिंग के लिए जानी जाती है, बल्कि इसके पीछे कई पौराणिक रहस्य भी छिपे हैं। जानें इस गुफा के चमत्कार, इसके अंदर के अद्भुत दृश्य और कैसे आप यहां पहुंच सकते हैं।
 

धार्मिक यात्रा की योजना

जब हम जम्मू-कश्मीर की धार्मिक यात्रा की योजना बनाते हैं, तो सबसे पहले मां वैष्णों देवी का नाम आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मां के दरबार से कुछ ही दूरी पर महादेव का एक ऐसा धाम है, जिसे देखे बिना आपकी आध्यात्मिक यात्रा अधूरी मानी जाती है? हम यहां शिवखोड़ी गुफा की बात कर रहे हैं, जिसे 'देवताओं की गुफा' भी कहा जाता है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि क्यों शिवखोड़ी की यात्रा के बिना वैष्णों देवी की यात्रा अधूरी मानी जाती है।


शिवखोड़ी गुफा

जम्मू के रियासी जिले में स्थित शिवखोड़ी गुफा एक अद्भुत स्थल है। 'खोड़ी' का अर्थ गुफा है और यह गुफा लगभग 200 मीटर लंबी है। कहा जाता है कि इसका आकार भगवान शिव के डमरू के समान है। गुफा के अंदर जाने का रास्ता संकरा है, लेकिन जैसे-जैसे आप अंदर बढ़ते हैं, एक विशाल कक्ष खुलता है, जहां महादेव की उपस्थिति होती है।


पौराणिक रहस्य

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, जब राक्षस भस्मासुर ने भगवान शिव को भस्म करने का प्रयास किया, तब भोलेनाथ ने इस गुफा का निर्माण किया। यहां भोलेनाथ और भस्मासुर के बीच भयंकर युद्ध हुआ था। अंत में भगवान विष्णु ने 'मोहिनी' रूप धारण करके भस्मासुर का अंत किया। गुफा के अंदर बनी आकृतियां आज भी उस समय की गवाही देती हैं।


गुफा के अंदर के चमत्कार

शिवखोड़ी की विशेषता यह है कि यहां एक प्राकृतिक शिवलिंग है। यह किसी मानव द्वारा निर्मित नहीं है, बल्कि गुफा की छत से चूने का पानी टपककर इसे प्राकृतिक रूप से बनाया गया है। इसके अलावा, गुफा की दीवारों पर गणेशजी, कार्तिकेय और शेषनाथ की आकृतियां भी देखी जा सकती हैं। ऐसा लगता है जैसे सारा देवलोक इसी गुफा में समाहित हो गया हो।


स्वर्ग का रास्ता

इस गुफा के बारे में एक और रहस्य है कि इसके अंदर कई संकरे रास्ते हैं। कहा जाता है कि इनमें से एक रास्ता सीधे अमरनाथ गुफा की ओर जाता है, लेकिन सुरक्षा कारणों से अब इन रास्तों को बंद कर दिया गया है।


कब और कैसे पहुंचे

शिवखोड़ी, कटरा से लगभग 70-80 किमी दूर है। मां वैष्णों देवी के दर्शन के बाद आप बस या टैक्सी से यहां पहुंच सकते हैं। यहां साल भर श्रद्धालु आते हैं, लेकिन महाशिवरात्रि पर यहां का नजारा अद्भुत होता है।