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श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं का प्रसार: पंजाब सरकार की नई पहल

पंजाब में श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के अवसर पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य गुरु जी के सार्वभौमिक संदेश को फैलाना है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस कार्यक्रम के महत्व को उजागर किया और बताया कि राज्य के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, एक विशाल बाणी अध्ययन केंद्र की स्थापना की जा रही है, जो गुरु जी की शिक्षाओं का गहन अध्ययन करेगा। जानें इस पहल के बारे में और अधिक जानकारी।
 

श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं का महत्व


श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं पर चलना समय की आवश्यकता


चंडीगढ़/रूपनगर : पंजाब में श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है। इस आयोजन का उद्देश्य गुरु रविदास जी के सार्वभौमिक संदेश को पंजाब और अन्य स्थानों पर फैलाना है।


इस समारोह में पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कर तथा परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और संगत को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 649वें प्रकाश पर्व के दौरान 650वें प्रकाश पर्व के लिए वर्षभर कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की थी।


गुरु जी का संदेश फैलाना है प्राथमिकता

वित्त मंत्री ने बताया कि इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य श्री गुरु रविदास जी के संदेश को विश्वभर में फैलाना है। इसके तहत पंजाब के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शैक्षिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में आध्यात्मिक कीर्तन दरबार आयोजित किए जा रहे हैं, जिनकी शुरुआत रूपनगर से हुई है।


गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र की स्थापना

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब सरकार ने डेरा सचखंड बल्लां के पास एक विशाल श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र स्थापित करने के लिए 10 एकड़ भूमि खरीदी है। इस केंद्र में 750 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता होगी और यह गुरु साहिब की पवित्र बाणी और शिक्षाओं के गहन अध्ययन के लिए समर्पित होगा।


इससे यह सुनिश्चित होगा कि गुरु जी का अमूल्य संदेश आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। उन्होंने कहा कि भवन का नक्शा तैयार कर लिया गया है और निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होगा। निर्माण के बाद यह केंद्र आम लोगों को गुरु महाराज से संबंधित महत्वपूर्ण ऐतिहासिक शोध से भी अवगत कराएगा।