सुवर्णा राज ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में जीता स्वर्ण पदक
सुवर्णा राज की ऐतिहासिक जीत
नई दिल्ली: भारत की पैरा एथलीट सुवर्णा राज ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में अद्वितीय प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। 44 वर्षीय सुवर्णा ने महिलाओं की F54 डिस्कस थ्रो स्पर्धा में 15.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर पहला स्थान प्राप्त किया। ग्रेटर नोएडा की निवासी सुवर्णा की इस उपलब्धि ने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण सफलता दिलाई है।
सुवर्णा ने अपने छह प्रयासों में से चार बार डिस्कस को 15 मीटर से अधिक दूर फेंका। उनका स्वर्ण पदक जीतने वाला सर्वश्रेष्ठ थ्रो पांचवें प्रयास में आया, जिसमें उन्होंने 15.66 मीटर की दूरी तय की। ईरान की शाहला हदीदी ने 15.45 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि वियतनाम की थी न्गोक थुई गुयेन ने 14.65 मीटर के प्रयास के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
इस जीत के साथ, सुवर्णा ने पिछले एशियन पैरा गेम्स में अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार किया है। 2022 में, उन्होंने F54/F55 वर्ग में 15.39 मीटर का थ्रो किया था और आठवें स्थान पर रही थीं। इस बार, 15.66 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
पिंटू नागर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने वाली सुवर्णा ने 2017 में पैरा एथलेटिक्स को अपने करियर के रूप में चुना। उनकी मेहनत और अनुशासन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। वह तीन एशियन पैरा गेम्स सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और F54 डिस्कस थ्रो स्पर्धा में एशिया की दूसरी रैंक वाली एथलीट हैं।
सुवर्णा का यह स्वर्ण पदक उनके खेल करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 2026 में दुबई में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में उन्होंने महिलाओं की F54/55 डिस्कस थ्रो स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसी साल जनवरी में ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा ट्रैक मीट में भी उन्होंने डिस्कस थ्रो में गोल्ड और शॉट पुट में सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
सुवर्णा राज केवल एक सफल पैरा एथलीट नहीं हैं, बल्कि वह दिव्यांगजनों के अधिकारों और सुगम्यता से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं। एशियन पैरा गेम्स 2026 में उनका स्वर्ण पदक उनकी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है, जो भारतीय पैरा खेलों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।