सूर्य अर्घ्य में जल के साथ मिलाने योग्य सामग्री
घर में समृद्धि और मान-सम्मान लाने के उपाय
सूर्य देव का महत्व
ज्योतिष में सूर्य को नवग्रहों का राजा माना जाता है। यह पिता, आत्मा, प्रतिष्ठा, और सरकारी नौकरी से जुड़ा होता है। जब किसी की कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, तो उसे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता और सम्मान प्राप्त होता है।
इसके विपरीत, कमजोर सूर्य से पिता के साथ मतभेद, करियर में रुकावटें और धन की कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए, सूर्य को बलवान बनाने के लिए सुबह अर्घ्य देना आवश्यक है।
अर्घ्य के जल में मिलाने योग्य सामग्री
- सूर्य देव को लाल रंग प्रिय है। जल में लाल चंदन या रोली मिलाने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है।
- लाल फूल सकारात्मकता का प्रतीक है। इसे जल में मिलाने से आत्मविश्वास बढ़ता है।
- गेहूं के दाने डालने से धन में वृद्धि होती है और करियर में तरक्की होती है।
- गुड़ मिलाने से पारिवारिक कलह समाप्त होती है और काम में सफलता मिलती है।
- हल्दी डालने से स्वास्थ्य में सुधार होता है और विवाह के योग बनते हैं।
विशेष उपाय: काले तिल
यदि आपकी कुंडली में पितृ दोष है या मानसिक तनाव है, तो जल में काला तिल डालकर अर्घ्य दें। यह उपाय विशेष अवसरों पर करना चाहिए।
जल में न डालें ये चीजें
अर्घ्य के जल में अक्षत, दूध, नमक, तेल और घी नहीं डालना चाहिए। ये वस्तुएं विरोधी ग्रहों से जुड़ी होती हैं।
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