सूर्य मुद्रा: अस्थमा में राहत और मानसिक शांति के लिए एक प्रभावी उपाय
सूर्य मुद्रा का महत्व
नई दिल्ली: वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण के कारण सांस से संबंधित समस्याएं आम हो गई हैं। बच्चे और बुजुर्ग दोनों ही अस्थमा, एलर्जी, खांसी और सांस फूलने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में दवाओं के साथ-साथ योग भी एक सहायक उपाय हो सकता है। योग में कई मुद्राएं हैं, जो शरीर को आंतरिक रूप से मजबूत बनाती हैं, जिनमें से सूर्य मुद्रा विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है।
सूर्य मुद्रा के लाभ
आयुष मंत्रालय के अनुसार, सूर्य मुद्रा शरीर में ऊर्जा को बढ़ाने में सहायक होती है। यह मुद्रा शरीर के अग्नि तत्व को मजबूत करती है, जिससे पाचन क्रिया में सुधार होता है, शरीर में ताकत बनी रहती है और सांस लेने की प्रक्रिया भी सुचारू रहती है। यही कारण है कि इसे अस्थमा जैसी सांस की बीमारियों में सहायक माना जाता है।
सूर्य मुद्रा कैसे करें
सूर्य मुद्रा करने के लिए अनामिका उंगली को मोड़कर अंगूठे से हल्का दबाना होता है, जबकि अन्य उंगलियों को सीधा रखा जाता है। योग में अनामिका उंगली को पृथ्वी तत्व से जोड़ा जाता है, जबकि अंगूठा अग्नि तत्व का प्रतीक होता है। जब अंगूठा अनामिका पर दबाव डालता है, तो शरीर में गर्मी बढ़ती है और भारीपन कम होता है।
अस्थमा में राहत
योग विशेषज्ञों का मानना है कि सूर्य मुद्रा शरीर में जमा कफ को कम करने में मदद करती है। अस्थमा के दौरान सांस की नलियों में सूजन आ जाती है और कफ जमा हो जाता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है। सूर्य मुद्रा शरीर में गर्मी बढ़ाकर कफ को कम करने में सहायक होती है और ऑक्सीजन के प्रवाह को बेहतर बनाती है। जब फेफड़ों तक सही मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचती है, तो सांस लेने में राहत मिलती है।
डॉक्टरों की सलाह
हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि अस्थमा के लिए दवाइयां आवश्यक हैं और योग को केवल सहायक उपाय के रूप में अपनाना चाहिए।
सूर्य मुद्रा के अन्य फायदे
सूर्य मुद्रा के कई अन्य लाभ भी हैं। यह शरीर की अतिरिक्त चर्बी को कम करने में मदद करती है और पेट से जुड़ी समस्याओं में भी फायदेमंद मानी जाती है। गैस, अपच और पेट भारी रहने जैसी समस्याओं में इस मुद्रा का नियमित अभ्यास राहत देता है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी यह मुद्रा लाभकारी है, क्योंकि यह मन को शांत रखने और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती है। नियमित अभ्यास से दिमाग शांत रहता है और तनाव कम महसूस होता है।