सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया जलाभिषेक
सोमनाथ मंदिर की आस्था का महोत्सव
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा: आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ की आस्था कभी नहीं झुकी
सोमनाथ मंदिर भारत की आत्मा और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक: सीएम रेखा गुप्ता
आक्रांता मिट गए, लेकिन सनातन आज भी अपने वैभव के साथ खड़ा है: कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने सोमवार को सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और इसके 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चांदनी चौक स्थित प्राचीन गौरी शंकर मंदिर में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-2026’ में भाग लिया। इस भव्य समारोह में श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित शिव भजन, ओंकार जाप और शिव तांडव जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया, जिससे पूरा मंदिर परिसर शिवमय हो गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गुजरात के सोमनाथ से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के राष्ट्र के नाम संबोधन का लाइव प्रसारण देखा और वर्चुअली इस राष्ट्रीय उत्सव का हिस्सा बनीं। सुबह से ही मंदिर में उमड़े जनसैलाब और भक्तिपूर्ण प्रस्तुतियों ने इस ‘स्वाभिमान पर्व’ को एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक उत्सव बना दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह, श्री मनजिंदर सिंह सिरसा, श्री कपिल मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ भारत की सनातन आस्था, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक है। सदियों तक हुए आक्रमणों और विध्वंस के बावजूद सोमनाथ की आस्था कभी नहीं झुकी और हर बार भारत की आध्यात्मिक शक्ति ने स्वयं को पुनः स्थापित किया। प्रधानमंत्री मोदी जी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के विजन के साथ देश अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आज जिस गौरव और भव्यता के साथ सोमनाथ मंदिर विश्व के सामने खड़ा है, वह प्रत्येक भारतीय के लिए सम्मान और आत्मगौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश एक ओर आधुनिक तकनीक, इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। वहीं दूसरी ओर भारत की सांस्कृतिक धरोहर, अध्यात्म और सनातन परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य भी अभूतपूर्व गति से हो रहा है। सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। यह पर्व देशवासियों को अपनी विरासत, परंपरा और राष्ट्रीय गर्व से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और उनसे देश की समृद्धि, शांति और विकास की कामना करते हुए सभी नागरिकों को ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि यह कार्यक्रम सनातन धर्म की उस विशेषता का प्रतीक है, जिसने हजारों वर्षों तक अनेक आक्रमणों और चुनौतियों के बावजूद अपनी आस्था, संस्कृति और चेतना को जीवित रखा। बड़े-बड़े आक्रांताओं ने शक्ति के बल पर हमारे मंदिरों और आस्था के केंद्रों को नष्ट करने का पाप किया, लेकिन वे सनातन को समाप्त नहीं कर पाए। आज भी जहां से वे आक्रांता आए थे, वहां धूल और रेत के सिवा कुछ दिखाई नहीं देता, लेकिन सनातन आज भी पूरे गौरव और वैभव के साथ खड़ा है।
उन्होंने कहा कि आज हम उस हजार वर्षों के संघर्ष, सनातन की परंपरा और उसके आत्मसम्मान को नमन करते हुए इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में उपस्थित हैं। इसी समय सोमनाथ मंदिर के प्रांगण में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी पूजा-अर्चना कर रहे हैं। यह आयोजन सनातन संस्कृति की चेतना, आस्था और एकता का प्रतीक है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों का हृदय से स्वागत और अभिनंदन है।