हरियाणा की दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना से 67,688 महिलाओं को मिलेगा पेंशन लाभ
महिलाओं के लिए नई पहल
हरियाणा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा शुरू की गई दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना महिलाओं के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाने का वादा करती है। इस योजना के अंतर्गत रेवाड़ी जिले की कुल 67,688 महिलाएं पेंशन का लाभ प्राप्त करेंगी।
पात्र महिलाओं की पहचान
परिवार पहचान प्राधिकरण, हरियाणा के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि जिले में पहले चरण में योग्य महिलाओं की पहचान पूरी कर ली गई है। इसमें 7,912 अविवाहित महिलाएं (23-45 वर्ष आयु वर्ग) और 59,776 विवाहित महिलाएं (23-60 वर्ष आयु वर्ग) शामिल हैं।
योजना का विस्तार
डॉ. खोला ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस योजना को कई चरणों में लागू करने की योजना बनाई है। अगले चरणों में अन्य आयु वर्ग की महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा, ताकि कोई भी योग्य महिला इस लाभ से वंचित न रहे।
आर्थिक आत्मनिर्भरता का लक्ष्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। पेंशन से महिलाएं अपने पारिवारिक दायित्वों को निभाने में सक्षम होंगी और अपने जीवन स्तर को सुधार सकेंगी।
पारदर्शिता के साथ कार्यान्वयन
परिवार पहचान प्राधिकरण (PPP) के डेटा के आधार पर लाभार्थियों की पहचान की जा रही है, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित हो रहा है।
सामाजिक स्थिति में सुधार
रेवाड़ी कार्यालय में बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने मुख्यमंत्री नायब सैनी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह योजना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल बनने के साथ-साथ उनकी सामाजिक स्थिति को भी मजबूत करेगी।
महिला कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता
डॉ. खोला ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से लाखों महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा की महिलाओं को सम्मान, आत्मनिर्भरता और सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।